Siwan News : (आनंद मिश्र) सीवान जिले के बड़हरिया प्रखंड की चौकीहसन पंचायत अंतर्गत वार्ड संख्या-11 स्थित बिंदटोली में इन दिनों चेचक (चिकन पॉक्स) का गंभीर प्रकोप देखने को मिल रहा है. ग्रामीणों का दावा है कि 25 से 30 घरों की इस बस्ती में लगभग हर घर में चेचक के मरीज हैं. लगातार नए मामले सामने आने से पूरे गांव में भय और चिंता का माहौल है. स्वास्थ्य विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मेडिकल टीम भेजने की बात कही है.
एक महीने से बढ़ रहे हैं संक्रमण के मामले
समाजसेवी रमाशंकर निषाद ने बताया कि पिछले एक महीने से लगातार नए मरीज सामने आ रहे हैं. शिक्षा और जागरूकता के अभाव में कई ग्रामीण इसे “माता का प्रकोप” मान रहे हैं, जबकि यह एक संक्रामक बीमारी है. उन्होंने बताया कि बस्ती में बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग सभी इस संक्रमण की चपेट में हैं.
बच्चों की हालत देख परेशान हैं परिजन
ग्रामीणों के अनुसार मरीजों में तेज बुखार, शरीर और चेहरे पर दाने, खुजली तथा कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं. छोटे बच्चों की बिगड़ती हालत और उनकी तकलीफ देखकर परिजन काफी चिंतित हैं. कई बच्चों के चेहरे पर चेचक के स्थायी दाग भी पड़ गए हैं. ग्रामीण स्वास्थ्य विभाग की नियमित निगरानी और मेडिकल टीम के इंतजार में हैं.
ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से लगाई गुहार
स्थानीय लोगों ने गांव में नियमित स्वास्थ्य जांच, सफाई अभियान और आवश्यक टीकाकरण व दवा उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि संक्रमण पर जल्द नियंत्रण पाया जा सके और आगे इस तरह की स्थिति उत्पन्न न हो.
मंगलवार को फिर पहुंचेगी मेडिकल टीम
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बड़हरिया के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. प्रभात कुमार ने बताया कि बिंदटोली में चेचक के प्रकोप की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को है. शुरुआती दौर में स्वास्थ्यकर्मियों की एक टीम गांव भेजी गई थी. अब मंगलवार को डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की टीम एंटीवायरल दवाओं के साथ दोबारा गांव जाएगी और मरीजों की जांच कर आवश्यक उपचार उपलब्ध कराएगी.
डॉक्टर ने बताए बचाव के उपाय
डॉ. प्रभात कुमार ने बताया कि चेचक एक संक्रामक बीमारी है. इसलिए मरीजों को अलग कमरे में रखना चाहिए और बच्चों व बुजुर्गों को उनके संपर्क से बचाना चाहिए. मरीज के कपड़े और बिस्तर को नियमित रूप से गर्म पानी से धोना चाहिए. खुजली होने पर दानों को फोड़ने या खुरचने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे शरीर पर स्थायी निशान पड़ सकते हैं. उन्होंने अधिक मात्रा में पानी, नारियल पानी, जूस जैसे तरल पदार्थ लेने और हल्का भोजन करने की सलाह दी. साथ ही नीम की पत्तियों के पानी से स्नान करने और बिस्तर के पास नीम की पत्तियां रखने को भी लाभदायक बताया.
कई परिवार संक्रमण की चपेट में
ग्रामीणों के अनुसार रमाशंकर निषाद, वीरेंद्र बिंद, केशव बिंद, राजकुमार बिंद, नागेंद्र बिंद, अवधेश बिंद सहित कई परिवारों के सदस्य चेचक से पीड़ित हैं. पूरे टोले में संक्रमण फैलने से लोग दहशत में हैं और स्वास्थ्य विभाग से त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.
