सीवान से विवेक कुमार सिंह की रिपोर्ट
Siwan News: सीवान जिले में धान अधिप्राप्ति के बाद सीएमआर (कस्टम मिल्ड राइस) आपूर्ति में हो रही देरी अब कई पैक्सों के लिए मुश्किल खड़ी कर सकती है. जिला सहकारिता विभाग की समीक्षा में खुलासा हुआ है कि भगवानपुरहाट और नौतन प्रखंड में अब भी 62.86 लॉट सीएमआर की आपूर्ति लंबित है. मामले को गंभीर मानते हुए विभाग ने 25 पैक्सों और व्यापार मंडलों के गोदामों की विशेष जांच कराने का निर्णय लिया है.
जिले में सबसे पीछे निकले भगवानपुरहाट और नौतन
खरीफ विपणन मौसम 2025-26 के तहत हुई समीक्षा में पाया गया कि भगवानपुरहाट और नौतन प्रखंड सीएमआर आपूर्ति के मामले में जिले के अन्य प्रखंडों से काफी पीछे हैं. अधिकारियों के अनुसार कई समितियों द्वारा अपेक्षित रुचि नहीं लेने के कारण लक्ष्य के अनुरूप चावल आपूर्ति नहीं हो पा रही है.
भगवानपुरहाट में 49 लॉट सीएमआर अब भी बकाया
विभागीय आंकड़ों के अनुसार भगवानपुरहाट प्रखंड में किसानों से 6713.775 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई थी, जो लगभग 159 लॉट के बराबर है. इसके विरुद्ध अब तक केवल 110 लॉट सीएमआर बिहार राज्य खाद्य निगम को उपलब्ध कराया गया है, जबकि 49 लॉट की आपूर्ति अभी भी शेष है.
नौतन में भी 13.86 लॉट चावल की आपूर्ति लंबित
नौतन प्रखंड में 2865.2 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई थी, जो करीब 67.86 लॉट के बराबर है. यहां अब तक 54 लॉट सीएमआर की आपूर्ति हुई है, जबकि 13.86 लॉट अब भी लंबित है. यही वजह है कि विभाग ने दोनों प्रखंडों को विशेष निगरानी में रखा है. जिला सहकारिता पदाधिकारी सौरभ कुमार ने दोनों प्रखंडों की समितियों के गोदामों का भौतिक सत्यापन कराने का निर्देश दिया है. जांच टीमों को 72 घंटे के भीतर सत्यापन पूरा कर वीडियोग्राफी के साथ रिपोर्ट जमा करनी होगी.
तीन-तीन अधिकारियों की दो विशेष टीमें गठित
भगवानपुरहाट प्रखंड की जांच के लिए धनराज कुमार, राम नारायण साह और सत्येंद्र कुमार राम को जिम्मेदारी सौंपी गई है. वहीं नौतन प्रखंड की जांच के लिए धीरेंद्र कुमार ओझा, नीतीश कुमार और चिंतेश बैठा को शामिल किया गया है. दोनों टीमों को गोदामों में भंडारित धान की वास्तविक स्थिति का सत्यापन करना होगा.
13 जून तक मांगी गई विस्तृत रिपोर्ट
जांच टीमों को निर्देश दिया गया है कि वे संबंधित पैक्सों और व्यापार मंडलों में रखे धान का सत्यापन कर पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराएं तथा 13 जून तक अपनी रिपोर्ट जिला सहकारिता कार्यालय को सौंपें. रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी. भगवानपुरहाट प्रखंड की बलहा एलाजी, बड़कागांव, बिलासपुर, बिठुनी, ब्रह्मस्थान, गोपालपुर, कौड़िया, खेढ़वा, महमदा, मिरजुमला, मोरा खास, साघर सुल्तानपुर दक्षिण, साघर सुल्तानपुर उत्तर, सहसराव, शंकरपुर, सराय पड़ौली और सोंधानी समेत 17 समितियां जांच के दायरे में हैं. वहीं नौतन प्रखंड की गंभीरपुर, खलवा, खाप बनकट, मिठिया, मुरारपट्टी, नरकटिया, नौतन और अन्य संबंधित समितियों के गोदामों का भी भौतिक सत्यापन किया जाएगा.
जांच रिपोर्ट के बाद हो सकती है बड़ी कार्रवाई
विभाग ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता मिलने पर संबंधित पैक्स अध्यक्षों, प्रबंधकों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है. साथ ही दोनों प्रखंडों के सहकारिता प्रसार पदाधिकारियों को व्यक्तिगत स्तर पर निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है. सहकारिता विभाग का मानना है कि किसानों से धान खरीद के बाद समय पर सीएमआर आपूर्ति सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है. ऐसे में लंबित मामलों को लेकर अब विभाग सख्त रुख अपनाता दिख रहा है और आने वाले दिनों में कई समितियों पर कार्रवाई की तलवार लटक सकती है.
