Siwan News: सीवान के ग्रामीण इलाकों में एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित होने से उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गयी है. ग्रामीणों का कहना है कि गैस सिलेंडर की बुकिंग कराने के बाद भी करीब 50 दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है. समय पर सिलेंडर नहीं मिलने से कई परिवारों को दोबारा लकड़ी, उपला और अन्य पारंपरिक ईंधन का सहारा लेना पड़ रहा है. बरसात के मौसम में गीली लकड़ी से चूल्हा जलाने में महिलाओं को काफी परेशानी हो रही है.
50 दिन इंतजार के बाद मिल रहा गैस सिलेंडर
ग्रामीण उपभोक्ताओं के अनुसार, गैस खत्म होने के बाद वे एजेंसी में सिलेंडर की बुकिंग कराते हैं, लेकिन समय पर आपूर्ति नहीं हो पाती. कई बार एजेंसी से संपर्क करने पर जल्द सिलेंडर उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया जाता है. इसके बावजूद लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है. गैस नहीं मिलने से परिवारों के सामने भोजन बनाने तक की समस्या खड़ी हो जाती है.
बरसात में लकड़ी के चूल्हे का लेना पड़ रहा सहारा
समय पर एलपीजी सिलेंडर नहीं मिलने का सबसे अधिक असर ग्रामीण महिलाओं पर पड़ रहा है. बरसात में लकड़ी गीली होने के कारण चूल्हा जलाना मुश्किल हो जाता है. मजबूरी में महिलाओं को घंटों धुएं के बीच खाना बनाना पड़ रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन मिलने के बाद धुआं रहित रसोई की उम्मीद जगी थी, लेकिन नियमित आपूर्ति नहीं होने से लोग फिर से पारंपरिक ईंधन पर निर्भर हो रहे हैं.
ब्लैक मार्केटिंग का ग्रामीणों ने लगाया आरोप
ग्रामीण उपभोक्ताओं ने गैस की किल्लत के बीच ब्लैक मार्केटिंग का भी आरोप लगाया है. उनका दावा है कि कुछ लोग जरूरतमंदों को अधिक कीमत पर गैस उपलब्ध करा रहे हैं. ग्रामीणों के अनुसार, 250 रुपये प्रति किलो तक गैस बेचने और घरेलू सिलेंडर के लिए 2500 रुपये तक वसूले जाने की बात सामने आ रही है. हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. उपभोक्ताओं ने प्रशासन से मामले की जांच कर अवैध बिक्री करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.
आपूर्ति व्यवस्था सुधारने की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित गैस एजेंसियों से एलपीजी की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है. लोगों का कहना है कि गैस की उपलब्धता नहीं सुधरी तो गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ता रहेगा. उपभोक्ताओं ने समस्या का जल्द समाधान नहीं होने पर सामूहिक आंदोलन की चेतावनी भी दी है.
15 अगस्त तक e-KYC कराना जरूरी
इधर, जिले के एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए e-KYC को लेकर भी जरूरी सूचना जारी की गयी है. गैस एजेंसियों ने उपभोक्ताओं से 15 अगस्त तक e-KYC की प्रक्रिया पूरी कराने की अपील की है. एजेंसी संचालकों के अनुसार, निर्धारित समय तक e-KYC नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं को आगे गैस सिलेंडर की बुकिंग और आपूर्ति में परेशानी हो सकती है.
आधार और उपभोक्ता संख्या से होगा सत्यापन
e-KYC कराने के लिए उपभोक्ताओं को आधार कार्ड और उपभोक्ता संख्या के साथ संबंधित गैस एजेंसी या अधिकृत केंद्र पर जाना होगा. वहां बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद प्रक्रिया पूरी की जाएगी. एजेंसियों के अनुसार, e-KYC का उद्देश्य वास्तविक उपभोक्ताओं का सत्यापन करना और फर्जी या निष्क्रिय कनेक्शनों की पहचान करना है.
e-KYC के लिए नहीं देना होगा कोई शुल्क
गैस एजेंसी संचालकों ने बताया कि अभी भी बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने e-KYC नहीं कराया है. अंतिम दिनों में भीड़ बढ़ने की संभावना को देखते हुए उपभोक्ताओं से जल्द प्रक्रिया पूरी करने की अपील की गयी है. एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि e-KYC की प्रक्रिया नि:शुल्क है और इसके लिए किसी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क नहीं देना है.
