सीवान से विवेक कुमार सिंह की रिपोर्ट
Siwan E-Rickshaw Ban: बिहार के सीवान जिले में एक बार फिर ई-रिक्शा की एंट्री पर रोक लगा दी गई है. डीएम के नए आदेश के अनुसार अब अगले 6 महीने तक जिले में नए रिक्शा नहीं आएंगे. यह रोक जिले में पहले से ही लगी थी जिसका दायरा अब बढ़ा दिया गया है. यह खबर ई-रिक्शा खरीदने या चलाने की योजना बना रहे लोगों के लिए बड़े झटके से कम नहीं है. दरअसल, लगातार बढ़ती ट्रैफिक समस्या और सड़क सुरक्षा को देखते हुए जिला प्रशासन ने नए ई-रिक्शों के निबंधन पर लगी रोक को अगले छह महीने के लिए बढ़ा दिया है. जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय के आदेश के बाद अब नगर परिषद क्षेत्र में किसी भी नए ई-रिक्शा का रजिस्ट्रेशन नहीं किया जाएगा.
दूसरे जिले से लाकर भी नहीं चला सकेंगे ई-रिक्शा
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि केवल नए निबंधन ही नहीं, बल्कि दूसरे स्थानों पर निबंधित ई-रिक्शों को स्थानांतरण के माध्यम से सीवान शहर में चलाने की भी अनुमति नहीं होगी. यानी बाहर से ई-रिक्शा लाकर शहर में परिचालन करने पर भी रोक रहेगी.
ट्रैफिक रिपोर्ट के बाद लिया गया बड़ा फैसला
जिला परिवहन पदाधिकारी और यातायात पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर यह निर्णय लिया गया है. रिपोर्ट में बताया गया है कि शहर में ई-रिक्शाओं की संख्या काफी बढ़ चुकी है, जिससे मुख्य सड़कों, बाजारों और व्यस्त इलाकों में रोजाना जाम की समस्या गंभीर होती जा रही है.
एंबुलेंस और इमरजेंसी सेवाओं को भी हो रही परेशानी
प्रशासनिक रिपोर्ट के अनुसार कई बार जाम की वजह से एंबुलेंस,फायर ब्रिगेड और अन्य आपातकालीन सेवाओं से जुड़े वाहनों को भी समय पर रास्ता नहीं मिल पाता. इसके अलावा सड़क अतिक्रमण और यातायात सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियां भी लगातार बढ़ रही हैं.
BR-29-ER-8868 तक पहुंच चुकी है निबंधन सीरीज
डीएम ने अपने आदेश में बताया कि वर्तमान में शहर में ई-रिक्शा निबंधन की सीरीज BR-29-ER-8868 तक पहुंच चुकी है. ऐसे में सड़क क्षमता और मौजूदा ट्रैफिक दबाव को देखते हुए नए निबंधन पर रोक जारी रखना आवश्यक माना गया है.
पुराने ई-रिक्शा चालकों को राहत
हालांकि पहले से निबंधित ई-रिक्शा चालकों को राहत दी गई है. वैध निबंधन, बीमा और फिटनेस प्रमाण-पत्र रखने वाले ई-रिक्शा पहले की तरह शहर में परिचालन करते रहेंगे. यह आदेश केवल नए वाहनों और स्थानांतरण के मामलों पर लागू होगा.
नियम तोड़ने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई
जिला परिवहन पदाधिकारी, मोटरयान निरीक्षक और पुलिस विभाग को आदेश का सख्ती से पालन कराने का निर्देश दिया गया है. यदि कोई व्यक्ति आदेश का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम 1988, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और अन्य लागू कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी.
छह महीने बाद होगी स्थिति की समीक्षा
प्रशासन का कहना है कि यह फैसला लोकहित, जन सुरक्षा और बेहतर यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए लिया गया है. अगले छह महीने के दौरान शहर की ट्रैफिक स्थिति, सड़क क्षमता और आम लोगों की सुविधा का आकलन किया जाएगा. इसके बाद रोक जारी रखने या हटाने पर फैसला लिया जाएगा.
सड़क अनुशासन सुधारने के लिए उठाया गया कदम
डीएम विवेक रंजन मैत्रेय ने स्पष्ट किया है कि शहर में सड़क अनुशासन बनाए रखने, जाम कम करने और यातायात प्रबंधन को मजबूत बनाने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है. प्रशासन का मानना है कि अनियंत्रित रूप से बढ़ रही ई-रिक्शाओं की संख्या पर नियंत्रण जरूरी हो गया है.
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