Directive to Light Lamps: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर सरकारी कार्यालयों एवं स्कूलों में दीप जलाने के आदेश के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बुधवार को आक्रोश मार्च निकाला. कांग्रेस नेताओं ने इसे तानाशाही फरमान बताते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. मार्च जिला परिषद से शुरू होकर कचहरी रोड होते हुए जेपी चौक पहुंचा.
दीप जलाने के निर्देश को लेकर जताया विरोध
कांग्रेस नेताओं के अनुसार, 14 सितंबर को शिक्षा विभाग के विशेष सचिव धर्मेंद्र कुमार की ओर से 17 सितंबर को दीप जलाने का निर्देश जारी किया गया था. इसी के तहत माध्यमिक शिक्षा के डीपीओ अभिजीत कुमार ने सभी स्कूलों में दीप जलाने तथा प्राचार्यों एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी को कार्यक्रम में उपस्थित होकर फोटो भेजने का निर्देश दिया था. यह आदेश प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों के माध्यम से भी स्कूलों तक पहुंचाया गया था.
कांग्रेस के अनुसार, आक्रोश मार्च के बाद बुधवार शाम डीपीओ ने पूर्व के निर्देश को वापस लेते हुए सरकारी कार्यालयों एवं स्कूलों में दीप प्रज्वलित नहीं करने संबंधी आदेश जारी किया.
बेरोजगारी और महंगाई को लेकर सरकार पर निशाना
जेपी चौक पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुशील कुमार ने कहा कि देश का युवा प्रधानमंत्री के जन्मदिन को राष्ट्रीय बेरोजगार दिवस के रूप में मना रहा है. उन्होंने बेरोजगारी, पेपर लीक और बाढ़ की समस्या को लेकर सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने छात्र नेताओं अमन, जाह्नवी एवं अनुज की गिरफ्तारी का मुद्दा भी उठाया.
जिला उपाध्यक्ष शशि कुमार ने यूपीआई लेन-देन पर प्रस्तावित टैक्स को वापस लेने की मांग की. कांग्रेस नेता हाफिज जुबैर ने आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों का मुद्दा उठाते हुए महंगाई पर रोक लगाने की मांग की.
दर्जनों कार्यकर्ता मार्च में हुए शामिल
मार्च में अति पिछड़ा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष राधेश्याम शर्मा, इरफान अहमद, अमित कुशवाहा, कुतुबुद्दीन अहमद, संस्कार राय, अलाउद्दीन अहमद, संतोष यादव, ओम शर्मा, सद्दाम हुसैन, संजय कुमार, मो. सोहैल, अशोक शर्मा, सेराज समेत दर्जनों कार्यकर्ता शामिल थे.
