Siwan News: सीवान में खरीफ विपणन मौसम 2025-26 के तहत धान अधिप्राप्ति के बदले चावल (सीएमआर) की आपूर्ति में लापरवाही बरतने वाले पैक्सों पर सहकारिता विभाग ने सख्त रुख अपनाया है. जिला सहकारिता पदाधिकारी सौरभ कुमार ने बसंतपुर, रघुनाथपुर और दरौली प्रखंड के प्रखंड सहकारिता प्रसार पदाधिकारियों को तीन चिन्हित पैक्सों के गोदाम का अविलंब संयुक्त रूप से भौतिक सत्यापन कराने का निर्देश दिया है.
लापरवाही पर दर्ज होगी एफआईआर
आधिकारिक आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यदि भौतिक जांच के दौरान गोदाम में धान उपलब्ध नहीं मिलता है, तो संबंधित पैक्स के विरुद्ध सीधे सरकारी राशि के गबन के गंभीर आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी. जिला सहकारिता पदाधिकारी ने बताया कि तीन जुलाई को सीएमआर आपूर्ति की समीक्षा बैठक में पाया गया कि कुछ पैक्स समितियां जानबूझकर चावल आपूर्ति की गति में शिथिलता बरत रही हैं.
15 जुलाई है अंतिम तिथि
जबकि खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने सीएमआर आपूर्ति सुनिश्चित करने की अंतिम समय सीमा 15 जुलाई निर्धारित की है. इसके बाद किसी भी परिस्थिति में समय सीमा बढ़ने की कोई संभावना नहीं है. विभागीय आदेश के अनुसार बसंतपुर के कन्हौली पैक्स, रघुनाथपुर के बड़ुआ पैक्स तथा दरौली के हरनाटार पैक्स में सबसे अधिक सीएमआर की आपूर्ति वर्तमान में शेष पाई गई है.
राइस मिल भेजने का आदेश
इन सभी डिफॉल्टर समितियों को समय पर शत-प्रतिशत चावल उपलब्ध कराने का सख्त निर्देश दिया गया है. सहकारिता विभाग ने संबंधित प्रखंड सहकारिता प्रसार पदाधिकारियों से कहा है कि वे तत्काल इन पैक्सों के गोदाम का भौतिक सत्यापन करें. यदि गोदाम में धान उपलब्ध है, तो उसे बिना किसी देरी के संबंधित राइस मिल को भेजकर चावल तैयार कराया जाए और राज्य खाद्य निगम को आपूर्ति की जाए.
संकल्प के तहत होगी कार्रवाई
यदि सघन जांच के दौरान गोदाम में धान भौतिक रूप से गायब मिलता है, तो खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के संकल्प संख्या-2945, दिनांक 30 अक्टूबर 2025 के प्रावधानों के तहत गबन का मामला दर्ज कराया जाएगा. समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार बसंतपुर प्रखंड के कन्हौली पैक्स ने 211.125 मीट्रिक टन धान की खरीद की थी. इसके बदले 143.57 मीट्रिक टन सीएमआर देना था, लेकिन अब तक केवल 87 मीट्रिक टन चावल की आपूर्ति हुई है और 56.57 मीट्रिक टन सीएमआर अभी भी पूरी तरह शेष है.
दरौली पैक्स पर सबसे अधिक बकाया
इसी तरह रघुनाथपुर के बड़ुआ पैक्स ने 253.35 मीट्रिक टन धान खरीदा, जिसके बदले 172.28 मीट्रिक टन सीएमआर देना था. लेकिन अब तक केवल 58 मीट्रिक टन की ही आपूर्ति हुई है और यहां 114.28 मीट्रिक टन सीएमआर बाकी है. सबसे अधिक बकाया दरौली प्रखंड के हरनाटार पैक्स में है. यहाँ 422.25 मीट्रिक टन धान खरीद के बदले 287.13 मीट्रिक टन सीएमआर देना था, लेकिन अब तक सिर्फ 87 मीट्रिक टन की आपूर्ति हुई है. इस पैक्स पर 200.13 मीट्रिक टन सीएमआर की आपूर्ति अभी भी लंबित है.
अंतिम चेतावनी की गई जारी
जिला सहकारिता पदाधिकारी सौरभ कुमार ने सभी संबंधित प्रखंड अधिकारियों को स्पष्ट किया है कि सभी डिफाल्टर पैक्सों को 15 जुलाई से पहले हर हाल में सीएमआर की आपूर्ति पूरी करनी होगी. निर्धारित तिथि के बाद भी यदि किसी स्तर पर विभागीय लापरवाही या वित्तीय विसंगति पाई जाती है, तो कानूनी नियमों के तहत कानूनी व दंडात्मक सख्त कार्रवाई की जाएगी.
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