Aandar Male Sabha Sthagit: आंदर थाना क्षेत्र के उज्जैन बांगरा गांव में बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद उत्पन्न तनाव को लेकर भाकपा माले की ओर से 30 अगस्त को आंदर प्रखंड मुख्यालय पर आयोजित होने वाली सभा स्थगित कर दी गयी है. जिला प्रशासन की ओर से निषेधाज्ञा लागू होने के कारण सभा की अनुमति नहीं मिलने के बाद पार्टी ने यह निर्णय लिया.
प्रशासन ने नहीं दी सभा की अनुमति
माले के जिला सचिव इंद्रजीत चौरसिया ने शनिवार को जिला कार्यालय में प्रेसवार्ता कर कहा कि प्रशासन द्वारा सभा पर रोक लगाना लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है. उन्होंने उज्जैन बांगरा प्रकरण के लिए पुलिस-प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया.
चौरसिया ने कहा कि यदि समय रहते संतोष सिंह की गिरफ्तारी हो जाती तो मामला इतना नहीं बढ़ता. उन्होंने पुलिस पर मामले में भेदभाव बरतने का आरोप भी लगाया.
पुलिस पर भेदभाव का लगाया आरोप
इंद्रजीत चौरसिया ने कहा कि जयजोर में मुख्यमंत्री के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि बाबा साहेब डॉ. आंबेडकर के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी करने वाले संतोष सिंह को गिरफ्तार करने के बजाय पुलिस दो दिनों तक अपने साथ लेकर घूमती रही.
उन्होंने आरोप लगाया कि इससे सामंती ताकतों का मनोबल बढ़ा.
बेल्ही मामले का भी उठाया मुद्दा
चौरसिया ने आरोप लगाया कि बांगरा गांव का मामला शांत भी नहीं हुआ था कि बेल्ही में भी बाबा साहेब के खिलाफ कथित आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया.
उन्होंने कहा कि प्रशासन बाहरी लोगों को आने से रोकने की बात करता रहा, लेकिन सिंह सेना, भूमि सेना और रणवीर सेना से जुड़े लोगों के पहुंचने पर रोक नहीं लग सकी.
लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताया
पूर्व विधायक सत्यदेव राम ने कहा कि सभा की अनुमति नहीं देना जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला है. वहीं, पूर्व विधायक अमरजीत कुशवाहा ने प्रशासन पर पक्षपातपूर्ण कार्रवाई का आरोप लगाया.
प्रेसवार्ता में माले नेता रहे मौजूद
प्रेसवार्ता में प्रखंड सचिव युगल किशोर ठाकुर समेत भाकपा माले के अन्य नेता मौजूद थे.
इसे भी पढ़ें: बिहार BPSC TRE 4 फॉर्म कैसे भरें? जानिए रजिस्ट्रेशन से लेकर फीस पेमेंट की पूरी प्रोसेस
