Krishi Yantra Anudan: खेती में आधुनिक तकनीक और मशीनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए कृषि विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन (एसएमएएम) योजना के तहत किसानों को अनुदान पर कृषि यंत्र उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. योजना के तहत जिले के किसानों को 86 प्रकार के कृषि यंत्रों पर 40 से 80 प्रतिशत तक अनुदान दिया जायेगा. ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया आठ सितंबर से शुरू हो चुकी है और इच्छुक किसान 30 सितंबर तक आवेदन कर सकते हैं.
योजना में 16 नये कृषि यंत्र शामिल
इस वर्ष आधुनिक खेती की जरूरतों को देखते हुए योजना में 16 नये कृषि यंत्रों को शामिल किया गया है. इनमें मल्टी क्रॉप प्लांटर, ट्रैक टाइप कंबाइन, मेज हार्वेस्टर, रेज्ड बेड प्लांटर और रिवर्सिबल एमबी प्लग समेत अन्य आधुनिक मशीनें शामिल हैं. कृषि विभाग का उद्देश्य मशीनों के इस्तेमाल से खेती में लगने वाले समय, श्रम और लागत को कम करना है.
जुताई से कटाई तक मिलेंगे कृषि यंत्र
एसएमएएम योजना के तहत जुताई और बुआई से लेकर फसल की कटाई और मड़ाई तक इस्तेमाल होने वाले विभिन्न कृषि यंत्रों पर अनुदान मिलेगा. ट्रैक्टर, पावर टिलर, रोटावेटर, कल्टीवेटर, सीड ड्रिल, हैप्पी सीडर और पोटैटो प्लांटर जैसे यंत्र इसमें शामिल हैं.
कटाई और मड़ाई के लिए कंबाइन हार्वेस्टर, रीपर, रीपर बाइंडर, मल्टीक्रॉप थ्रेशर और मक्का छीलने वाले यंत्रों पर भी अनुदान दिया जायेगा.
फसल अवशेष प्रबंधन वाले यंत्र भी शामिल
फसल अवशेष प्रबंधन के लिए मल्चर, स्ट्रॉ रीपर, सुपर सीडर और श्रेडर जैसे उपकरणों को भी योजना में शामिल किया गया है. इन मशीनों की मदद से किसान फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन कर सकेंगे.
लॉटरी से होगा पात्र किसानों का चयन
कृषि यंत्रों के लिए प्राप्त ऑनलाइन आवेदनों में निर्धारित प्रक्रिया के तहत पात्र किसानों का चयन लॉटरी के माध्यम से किया जायेगा. चयनित किसानों को कृषि यंत्र खरीदने के लिए परमिट जारी किया जायेगा. परमिट की वैधता 15 दिनों की होगी. निर्धारित अवधि में यंत्र नहीं खरीदने पर परमिट स्वतः समाप्त हो जायेगा.
किसानों को कृषि यंत्र की पूरी कीमत का भुगतान कर खरीदारी करनी होगी. खरीदारी के बाद निर्धारित अनुदान की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे किसान के बैंक खाते में भेजी जायेगी.
ड्रोन सेंटर पर पांच लाख तक अनुदान
योजना के तहत किसान ड्रोन सेंटर की स्थापना के लिए अधिकतम पांच लाख रुपये तक अनुदान का प्रावधान है. कस्टम हायरिंग सेंटर के लिए चार लाख रुपये तक, कृषि यंत्र बैंक के लिए आठ लाख रुपये तक और स्पेशल कस्टम हायरिंग सेंटर के लिए अधिकतम 12 लाख रुपये तक अनुदान दिया जायेगा.
इन केंद्रों से छोटे और सीमांत किसान किराये पर आधुनिक कृषि यंत्र लेकर खेती के विभिन्न कार्य करा सकेंगे.
कृषि विभाग के पोर्टल से करना होगा आवेदन
अनुदान का लाभ लेने के लिए किसानों को कृषि विभाग के फार्म मैकेनाइजेशन पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा. आवेदन के लिए कृषि विभाग में किसान का पंजीकरण होना अनिवार्य है. किसान मोबाइल या अन्य ऑनलाइन माध्यम से कहीं से भी आवेदन कर सकते हैं.
जिला कृषि पदाधिकारी आलोक कुमार ने किसानों से निर्धारित समय सीमा के अंदर ऑनलाइन आवेदन करने की अपील की है. योजना से संबंधित जानकारी के लिए किसान संबंधित प्रखंड कृषि पदाधिकारी या जिला कृषि अभियंत्रण कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं.
