सीवान. भाइयों की लंबी उम्र के लिए एक माह पूर्व शुरू हुआ पीड़िया व्रत शनिवार की सुबह पीड़िया विसर्जन के साथ पूरा हुआ. इस दौरान जलाशयों के किनारे मेले जैसा माहौल रहा.गोवर्धन पूजन के दिन गोबर से बनाई गई पीड़िया को बहनों ने दीवार पर चिपकाया और एक महीने तक गीत-संगीत आदि का आयोजन कर पीड़िया की पूजा की. शुक्रवार की सुबह दीवार से पीड़िया छुड़ाने के बाद बहनों ने निराजल व्रत रखा. शाम को मीठे रसियाव के साथ सोरहिया ग्रहण किया. रात भर जागरण कर पौराणिक कथाएं सुनने और पीड़िया गीत गाने के बाद आज सुबह यह व्रत पूरा हुआ.रघुनाथपुर, गुठनी, दरौली, भगवानपुर सहित पूरे जिले के विभिन्न घाटों पर बहनों की भारी भीड़ देखी गई. प्रशासन ने दाहा नदी व अन्य घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे. शनिवार की अहले सुबह को बहनें पीड़िया लेकर नजदीक के जलाशयों पर नाचते-गाते पहुंचीं तथा पीड़िया प्रवाहित किया. इसके बाद साथ लाए भुजा, चिउड़ा, बतासा, खाजा, लड्डू, गट्टा, लकठा, मिठाई व फल आपस में बांटकर प्रसाद रूप में ग्रहण कर व्रत तोड़ा. जलाशयों के किनारे मेले जैसा माहौल रहा.
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