संवाददाता, सीवान. राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत खाद्यान्न वितरण में गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने सख्त रुख अपनाया है. सीवान समेत पटना, वैशाली, मुंगेर, भोजपुर, नवादा और गोपालगंज जिलों के जिला आपूर्ति पदाधिकारियों और अपर जिला दंडाधिकारी (आपूर्ति) पटना, विशिष्ट पदाधिकारी अनुभाजन पटना से शोकॉज किया गया है. विभाग ने आरोप लगाया है कि इन जिलों में जनवरी के खाद्यान्न वितरण चक्र में लक्ष्य के आधे से भी कम लाभुकों को राशन दिया गया है.खाद्य विभाग के विशेष सचिव की ओर से मंगलवार को जारी पत्र में कहा गया है कि 19 जनवरी को खाद्यान्न उठाव और वितरण की समीक्षा की गई थी. इस समीक्षा में यह बात सामने आई कि उक्त जिलों में राशन वितरण राज्य के औसत से काफी कम है. इन जिलों में खाद्यान्न वितरण 50 प्रतिशत से भी कम रहा है. विभाग का कहना है कि ये जिले खाद्यान्न वितरण के मामले में राज्य में सबसे निचले सात जिलों में शामिल हैं. विशेष सचिव ने पत्र में कहा गया है कि खाद्यान्न वितरण में इस तरह की लापरवाही स्वेच्छाचारिता, कर्तव्यहीनता और विभागीय निर्देशों की अवहेलना के दायरे में आती है.इसे अत्यंत खेदजनक बताते हुए विभाग ने संबंधित पदाधिकारियों से जवाब तलब किया है. विभाग का मानना है कि यदि समय पर राशन वितरण नहीं होता है तो इसका सीधा असर गरीब और जरूरतमंद परिवारों पर पड़ता है. जिनके लिए यह राशन जीवनयापन का मुख्य सहारा होता है.शोकॉज नोटिस में सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि पत्र प्राप्त होने के 24 घंटे के भीतर अपना स्पष्टीकरण विभाग को उपलब्ध कराएं. सीवान जिले में भी राशन वितरण की धीमी रफ्तार को लेकर लाभुकों की ओर से लगातार शिकायतें मिल रही थीं. कई राशन कार्डधारकों का कहना है कि महीने का आधा समय बीत जाने के बाद भी उन्हें अनाज नहीं मिल पाया. खाद्य विभाग की इस कार्रवाई के बाद जिले के आपूर्ति महकमे में हड़कंप मच गया है.
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