सीवान: दरौली थाना क्षेत्र के विश्वनिया गांव में 13 जून की रात गुमटी संचालक अमरनाथ सिंह की गोली मारकर हत्या किए जाने के मामले में एक माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी पुलिस को कोई ठोस सफलता नहीं मिली है. अब तक न तो हत्या करने वाले अपराधियों की गिरफ्तारी हो सकी है और न ही उनकी पहचान सार्वजनिक हो पाई है. इससे मृतक के परिजनों और ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है.
पेट्रोल भरवाने के बाद पैसे मांगने पर हुआ था विवाद
जानकारी के अनुसार, 13 जून की रात अमरनाथ सिंह अपनी गुमटी पर बैठे थे. इसी दौरान एक बाइक सवार युवक वहां पहुंचा और पेट्रोल भरवाया. पेट्रोल भरवाने के बाद जब अमरनाथ सिंह ने उससे पैसे मांगे तो दोनों के बीच कहासुनी हो गई.
आरोप है कि विवाद बढ़ने पर युवक ने सामने से अमरनाथ सिंह को गोली मार दी. गंभीर रूप से घायल अमरनाथ सिंह को इलाज के लिए सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
एफएसएल जांच के बाद भी नहीं मिला सुराग
घटना के बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर दरौली थाना पुलिस और एफएसएल टीम ने घटनास्थल की जांच की थी. उस समय पुलिस ने जल्द ही अपराधियों की गिरफ्तारी का दावा किया था, लेकिन एक माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी जांच किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच सकी है.
परिजनों ने जांच की रफ्तार पर उठाए सवाल
मृतक के परिजनों का कहना है कि अमरनाथ सिंह का किसी से कोई विवाद नहीं था. वे वर्षों से गुमटी चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते थे.
परिजनों का आरोप है कि पुलिस जांच की धीमी रफ्तार के कारण अपराधी अब भी खुलेआम घूम रहे हैं. ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से मामले का शीघ्र खुलासा कर हत्यारोपितों की गिरफ्तारी की मांग की है.
पुलिस का क्या कहना है
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं पर कार्रवाई की जा रही है. जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
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