पैक्स का एसएफसी के पास 49.79 करोड़ बकाया

जिले में पैक्स और व्यापार मंडलों द्वारा खरीदे गये धान का मिलिंग कराकर जमा किए गए चावल की करीब 49.79 करोड़ रुपये की राशि अब भी बिहार राज्य खाद्य निगम के पास लंबित है. यह बकाया पिछले एक महीने से पड़ा है. जिससे न केवल समितियों की कार्य क्षमता प्रभावित हो रही है, बल्कि उन्हें भारी सूद (ब्याज) के बोझ का भी सामना करना पड़ रहा है.

प्रतिनिधि, सीवान. जिले में पैक्स और व्यापार मंडलों द्वारा खरीदे गये धान का मिलिंग कराकर जमा किए गए चावल की करीब 49.79 करोड़ रुपये की राशि अब भी बिहार राज्य खाद्य निगम के पास लंबित है. यह बकाया पिछले एक महीने से पड़ा है. जिससे न केवल समितियों की कार्य क्षमता प्रभावित हो रही है, बल्कि उन्हें भारी सूद (ब्याज) के बोझ का भी सामना करना पड़ रहा है. 1.22 अरब का हो चुका है भुगतान- जानकारी के अनुसार जिले में 257 पैक्स और व्यापार मंडलों को 102761 एमटी धान खरीदने का लक्ष्य दिया गया था. जिसके विरुद्ध इन समितियों ने 97337 एमटी धान की खरीदारी की. इस धान से 66189 एमटी चावल की आपूर्ति एसएफसी को करनी थी. अंतिम तिथि 15 जून तक 47951 एमटी चावल जमा किया जा चुका था. समितियों द्वारा जो चावल जमा किया गया है, उसका मूल्य 1 अरब 22 करोड़ 11 लाख 65 हजार 628 रुपये) है, जिसका भुगतान हुआ है. इसके अतिरिक्त अभी भी 49.79 करोड़ का भुगतान बकाया है, जो बिहार राज्य खाद्य निगम द्वारा अभी तक नहीं किया गया है. निगम के अधिकारियों का कहना है कि राज्य स्तर पर आवंटन के अभाव में भुगतान नहीं हो पा रहा है. पैक्स को चावल खरीद और संचालन हेतु सीवान सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक से ऋण लेना पड़ा है. जिसपर उन्हें भारी ब्याज देना पड़ रहा है. अब समय पर भुगतान नहीं मिलने से समितियां घाटे की ओर बढ़ रही हैं और कई समितियां तो संचालन तक रोकने की कगार पर पहुंच गई हैं. चावल खरीद में आयी शिथिलता- इस भुगतान की देरी से चावल खरीद प्रणाली में शिथिलता आई है. एक महीने से अधिक समय तक भुगतान नहीं होने से पैक्स प्रतिनिधियों में भारी नाराजगी है, और वे राज्य सरकार व संबंधित विभाग से तत्काल भुगतान सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं. इधर अब भी 17255 एमटी चावल जमा करना बाकी है. लेकिन बिहार राज्य खाद्य निगम का पोर्टल पर अंतिम समय समाप्त होने के कारण ऑनलाइन रिसीविंग नहीं हो पा रही है. मुख्यालय ने उन समितियों की जांच कराई है, जिनका चावल गिरना बाकी है और रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी. समितियां चावल जमा की समय सीमा बढ़ाने की मांग भी कर रही है. बोले अधिकारी मुख्यालय से राशि का भुगतान अभी लंबित है. इसके लिए पत्राचार किया गया है. राशि प्राप्त होते ही उसका भुगतान कर दिया जायेगा. आसिफ इकबाल, जिला प्रबंधक, बिहार राज्य खाद्य निगम

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Author: DEEPAK MISHRA

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