Secondary Medical Board: सीवान में जीवन के अंतिम चरण (End of Life Care) से जुड़े मामलों में चिकित्सकीय निर्णय को अधिक पारदर्शी और विशेषज्ञों की सामूहिक राय पर आधारित बनाने के उद्देश्य से सिविल सर्जन डॉ. श्रीनिवास प्रसाद ने पांच सदस्यीय सेकेंडरी मेडिकल बोर्ड का गठन किया है. यह बोर्ड जरूरत पड़ने पर मरीजों के उपचार को जारी रखने अथवा वापस लेने जैसे मामलों का चिकित्सकीय परीक्षण कर अपनी अनुशंसा देगा.
स्वास्थ्य विभाग के निर्देश और सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई
सिविल सर्जन डॉ. श्रीनिवास प्रसाद ने बताया कि बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग के निर्देश और सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में सेकेंडरी मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया है. इस संबंध में आदेश जारी कर विभिन्न विशेषज्ञताओं के चिकित्सकों को बोर्ड का सदस्य नामित किया गया है.
ये चिकित्सक बनाए गए बोर्ड के सदस्य
जारी आदेश के अनुसार सेकेंडरी मेडिकल बोर्ड में सदर अस्पताल के जनरल सर्जन डॉ. राजीव कुमार रंजन, मूर्छक डॉ. सदा कमर, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. राघवेंद्र वाजपेई, महाराजगंज अनुमंडलीय अस्पताल के हड्डी एवं नस रोग विशेषज्ञ डॉ. शैलेश कुमार तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पचरुखी के फिजिशियन डॉ. निखिल कुमार को सदस्य बनाया गया है.
गंभीर मरीजों की स्थिति का करेगा मूल्यांकन
बोर्ड आवश्यकता पड़ने पर जीवन के अंतिम चरण से जुड़े गंभीर मरीजों की चिकित्सकीय स्थिति का मूल्यांकन करेगा और विशेषज्ञों की सामूहिक राय के आधार पर अपनी अनुशंसा देगा. इससे उपचार संबंधी निर्णय अधिक पारदर्शी, विधिसम्मत और चिकित्सा मानकों के अनुरूप लिए जा सकेंगे.
मरीजों के हित में महत्वपूर्ण पहल
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इस व्यवस्था का उद्देश्य गंभीर मरीजों के उपचार से जुड़े संवेदनशील निर्णयों में पारदर्शिता बढ़ाना, चिकित्सकीय जवाबदेही सुनिश्चित करना और मरीजों के हितों की रक्षा करना है. विशेषज्ञों की सामूहिक राय से लिए गए निर्णय भविष्य में उपचार प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और विश्वसनीय बनाएंगे.
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