सीवान: दरौली में सरयू का रौद्र रूप, आधा दर्जन से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में; 2000 हेक्टेयर फसल प्रभावित

दरौली में सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 1.70 मीटर ऊपर पहुंच गया है। बाढ़ से आधा दर्जन गांव प्रभावित, लोग सुरक्षित स्थानों की ओर कर रहे पलायन।

Siwan Flood Update : सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर से दरौली प्रखंड के ग्रामीण इलाकों में बाढ़ का संकट गहराता जा रहा है. पिछले छह दिनों में लगातार बढ़े जलस्तर से कई नए इलाकों में बाढ़ का पानी फैल गया है. इससे घर, पशु, फसल, पेयजल, शौचालय, आवागमन और बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई है. ग्रामीणों का कहना है कि करीब 23-24 साल बाद इलाके में फिर बाढ़ की ऐसी स्थिति बनी है.

बाढ़ के पानी से मनीयर टोकड़ा-1, दरौली, नरौली और केवटलिया समेत आसपास के इलाकों के दर्जनों घर घिर गए हैं. ग्रामीण परिवार अपने बच्चों, पशुओं, अनाज, जलावन, जरूरी कागजात, रुपये और अन्य सामान के साथ सुरक्षित और ऊंचे स्थानों की ओर निकल रहे हैं. दियारा क्षेत्र के लोगों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

आधा दर्जन से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में

सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर ने करीब आधा दर्जन से अधिक गांवों को प्रभावित किया है. इन गांवों के निचले इलाकों में पानी तेजी से फैल रहा है. ग्रामीणों के अनुसार, बाढ़ का पानी लगातार बढ़ने से लोगों में भय का माहौल है और कई परिवार सुरक्षित स्थानों पर जाने लगे हैं.

फ्लड विभाग के अनुसार, सरयू नदी का जलस्तर 61.51 मीटर दर्ज किया गया है, जो खतरे के निशान से करीब 1.70 मीटर ऊपर बताया जा रहा है.

नाव से सुरक्षित जगहों पर पहुंच रहे ग्रामीण

बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित दियारा क्षेत्र के लोग अब सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं. ग्रामीण नाव के सहारे परिवार के सदस्यों, बच्चों, पशुओं और घरेलू सामान को ऊंचे स्थानों पर पहुंचा रहे हैं. काशीदत दिनरा और मनीयर टुकड़ा-1 क्षेत्र के लोगों की स्थिति अधिक चिंताजनक बतायी जा रही है.

ग्रामीणों का कहना है कि पानी बढ़ने के साथ घरों और निजी संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ गयी है. फिलहाल अधिकांश लोगों की चिंता अपने परिवार और पशुओं को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने की है.

2000 हेक्टेयर कृषि भूमि प्रभावित

सरयू के बढ़ते जलस्तर से करीब 2000 हेक्टेयर कृषि भूमि प्रभावित हुई है. खेतों में लगे धान, मक्का, अरहर और हरी सब्जियों की फसल को भारी नुकसान पहुंचने की बात ग्रामीणों ने कही है.

ग्रामीणों के अनुसार, अभी तक सबसे अधिक नुकसान फसलों और कृषि योग्य भूमि को हुआ है. जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो मकानों और अन्य निजी संपत्तियों को भी नुकसान पहुंच सकता है.

बांधों पर लगातार नजर रख रहा जल संसाधन विभाग

जल संसाधन विभाग की टीम भी लगातार स्थिति पर नजर रख रही है. विभाग की ओर से बांधों और संवेदनशील इलाकों का निरीक्षण किया जा रहा है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में समय रहते कार्रवाई की जा सके.

क्या कहते हैं फ्लड जेई

फ्लड जेई अमित कुमार ने बताया कि विभाग द्वारा सरयू नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है. फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है. विभाग की टीम लगातार बांधों का निरीक्षण कर रही है और जलस्तर में होने वाले बदलाव की निगरानी की जा रही है.

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By Prabhat khabar news desk

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