मांगों को लेकर सफाई कर्मियों ने दिया धरना, नप प्रशासन के विरोध की नारेबाजी

राशि काटने के बावजूद नहीं मिल रहा इएसआइसी का लाभ, कर्मियों का पीएफ का पैसा वर्षों से बकाया, जो अब तक उनके खाते में जमा नहीं किया गया

सीवान. बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ के बैनर तले सोमवार को नगर परिषद सीवान के सफाई कर्मियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन किया. धरना का नेतृत्व महासंघ के राज्य सचिव अमित कुमार ने किया. धरना में बड़ी संख्या में सफाई कर्मी शामिल हुए और नगर परिषद प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी की. राज्य सचिव अमित कुमार ने कहा कि सफाई कर्मी कड़ाके की ठंड में सुबह छह बजे से शाम तक ईमानदारी से काम कर शहर को स्वच्छ और कचड़ा मुक्त रखते हैं, बावजूद इसके वर्षों से उनका शोषण किया जा रहा है. कर्मियों का पीएफ का पैसा वर्षों से बकाया है, जो अब तक उनके खाते में जमा नहीं किया गया.

रिटायर कर्मियों का वेतन चार माह से लंबित

इसी तरह इएसआईसी की राशि काटे जाने के बावजूद कर्मियों को न तो इएसआईसी का लाभ मिला और न ही आज तक इएसआइसी कार्ड बनाए गए. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के स्पष्ट आदेश के बाद भी संविदा कर्मियों का सर्विस बुक अब तक नहीं बनाया गया है. सेवानिवृत्तकर्मियों को छठे वेतनमान का अंतर वेतन नहीं मिला है और रिटायर कर्मियों की चार माह से पेंशन भी लंबित है. वहीं नगर परिषद द्वारा साल भर में करोड़ों रुपये के चेक काटे जा रहे हैं, लेकिन गरीब सफाई कर्मियों का हक का पैसा नहीं दिया जा रहा, जो प्रशासन की संवेदनहीनता को दर्शाता है. अमित कुमार ने चेतावनी दी कि यदि दो सप्ताह के भीतर सभी कर्मियों का ईपीएफ, ईएसआईसी, अंतर वेतन का भुगतान, सर्विस बुक निर्माण तथा सेवानिवृत्त कर्मियों की लंबित पेंशन का भुगतान नहीं किया गया, तो कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी नगर परिषद प्रशासन की होगी. धरना में अनीश कुशवाहा, संजय , कल्लू, प्रदीप, ऋषि, मंतोष, गोविंद, उमराज, शत्रुध्न, विकाश सहित अन्य सफाई कर्मी मौजूद रहे.

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