सीवान: सदर अस्पताल की चौथी मंजिल स्थित पोस्ट सिजेरियन वार्ड में भर्ती प्रसूताओं को बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशानी झेलनी पड़ रही है. शुक्रवार को अस्पताल अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार सिंह के निरीक्षण के दौरान एक महिला मरीज ने अस्पताल की व्यवस्था को लेकर गंभीर शिकायत की. मरीज ने बताया कि सोमवार को सिजेरियन ऑपरेशन होने के बाद तीन दिनों तक उसके बेड की चादर नहीं बदली गयी. शिकायत करने के बावजूद भी इस दिशा में तत्काल कोई कार्रवाई नहीं हुई.
ऑपरेशन के बाद ड्रेसिंग के लिए नीचे जाने की शिकायत
भगवानपुर हाट की रहने वाली मरीज ने बताया कि ऑपरेशन के बाद उसे बार-बार ड्रेसिंग कराने और सिरिंज निकलवाने के लिए वार्ड से नीचे जाना पड़ा. मरीज का कहना था कि ऑपरेशन के बाद इस तरह की परेशानी से उसे काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा.
बेड के पास पड़ा रहा कचरा और बोतल
मरीजों ने वार्ड में साफ-सफाई की व्यवस्था पर भी सवाल उठाया. उनका आरोप था कि कई बार शिकायत करने के बावजूद बेड के पास पड़ा कचरा और बोतल नहीं हटाया गया. इससे वार्ड की स्वच्छता व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं.
दोपहर तीन बजे तक नहीं पहुंचा भोजन
मरीजों ने भोजन वितरण में भी लापरवाही का आरोप लगाया. उनका कहना था कि शुक्रवार को दोपहर तीन बजे तक चौथी मंजिल स्थित पोस्ट सिजेरियन वार्ड में खाना नहीं पहुंचा था. ऐसे में मरीजों के परिजनों को बाजार से भोजन खरीदकर लाना पड़ा.
निरीक्षण के दौरान अस्पताल अधीक्षक ने ‘दीदी की रसोई’ के कर्मियों को निर्देश दिया कि भोजन की ट्रॉली लिफ्ट के बजाय रैंप के माध्यम से ले जायी जाए. उन्होंने बताया कि अधिक वजन के कारण लिफ्ट के खराब होने की समस्या रहती है. हालांकि, इसके बावजूद शुक्रवार को समय पर भोजन नहीं पहुंच सका. अस्पताल प्रबंधक के हस्तक्षेप के बाद अपराह्न तीन बजे के बाद मरीजों को भोजन उपलब्ध कराया गया.
वार्ड इंचार्ज से मांगा गया स्पष्टीकरण
मामले को गंभीरता से लेते हुए अस्पताल अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार सिंह ने बेडशीट नहीं बदलने के मामले में वार्ड इंचार्ज से स्पष्टीकरण मांगा है. वहीं, भोजन वितरण और साफ-सफाई में लापरवाही की शिकायत पर जीविका के संबंधित अधिकारियों को तत्काल बुलाकर जवाब-तलब किया गया.
जीविका अधिकारी ने बतायी भोजन वितरण की व्यवस्था
जीविका के अधिकारी अभिजीत शंकर ने बताया कि मरीजों को दोपहर 12 बजे और रात सात बजे भोजन उपलब्ध कराने का प्रावधान है. उन्होंने कहा कि भोजन वितरण में दो से तीन घंटे का समय लग जाता है. सफाई और धुले चादर की उपलब्धता नहीं होने के संबंध में उन्होंने कहा कि संबंधित कर्मचारियों से जानकारी लेने के बाद ही इस बारे में कुछ स्पष्ट किया जा सकता है.
उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रशासन की ओर से चादर कम उपलब्ध कराने तथा बरसात के कारण समय पर चादर की धुलाई नहीं हो पाने की समस्या सामने आती है. हालांकि, उन्होंने बताया कि कपड़ों की धुलाई और सुखाने के लिए उपकरण जीविका की ओर से उपलब्ध कराया गया है.
क्या कहते हैं अधीक्षक
अस्पताल के पास पर्याप्त संख्या में चादर उपलब्ध है. तीन दिन तक चादर नहीं बदले जाने के संबंध में वार्ड इंचार्ज से शो कॉज किया गया है. खाना एवं सफाई के संबंध में बात करने के लिए जीविका के अधिकारी को बुलाया गया है.
डॉ. अनिल कुमार सिंह, अधीक्षक, सदर अस्पताल, सीवान
