प्रख्यात साहित्यकार एवं पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. सियारमण त्रिपाठी का निधन, साहित्य जगत में शोक

Siwan News : हिंदी साहित्य के प्रख्यात रचनाकार प्रो. सियारमण त्रिपाठी का निधन हो गया है. उनके आकस्मिक निधन से साहित्यिक और शैक्षणिक जगत में गहरा शोक है. उनकी अंतिम संस्कार की तिथि भी बताई गई है.

Siwan News : हिंदी साहित्य के प्रख्यात रचनाकार, कवि एवं डीएवी पीजी कॉलेज, सीवान के हिंदी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. सियारमण त्रिपाठी का रविवार सुबह करीब 7:30 बजे शहर के पंचमंदिरा स्थित उनके आवास 'लक्ष्मिणी कुटीर' में निधन हो गया. उनके निधन की खबर से साहित्यिक एवं शैक्षणिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई.

कई महत्वपूर्ण साहित्यिक कृतियों के थे रचनाकार

प्रो. सियारमण त्रिपाठी हिंदी साहित्य की अनेक महत्वपूर्ण पुस्तकों के लेखक थे. उनकी चर्चित कृतियों में 'दिवंगता माता के नाम अंतिम पाती', 'सरसों सलोनी और गेहूं की बाली' तथा स्मृति ग्रंथ 'सृष्टि एवं दृष्टि' सहित कई पुस्तकें शामिल हैं. उनकी रचनाओं को साहित्य जगत में विशेष सम्मान प्राप्त है.

शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में भी रहा अहम योगदान

प्रो. त्रिपाठी डीएवी पीजी कॉलेज, सीवान के हिंदी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष रहे. इसके अलावा उन्होंने लंबे समय तक सीवान जिला पेंशनर समाज के अध्यक्ष के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं. उनके परिवार में तीन पुत्रियां और दो पुत्र हैं, जो अध्यापन कार्य से जुड़े हुए हैं. प्रो. शिशिर कुमार 'कौशिक' और प्रो. कुमार अमलेंदु त्रिपाठी उनके पुत्र हैं.

27 जुलाई को होगा अंतिम संस्कार

प्रो. त्रिपाठी के निधन को साहित्य जगत ने अपूरणीय क्षति बताया है. सरस्वती साहित्य संगम, सीवान के कार्यालय सचिव अजय कुमार 'अजीत' ने परिजनों के हवाले से बताया कि उनका अंतिम संस्कार 27 जुलाई को सीवान के दाहा नदी तट स्थित कंधवारा श्मशान घाट पर किया जाएगा. साहित्यकारों, शिक्षकों और उनके शुभचिंतकों ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया.

Also Read : शिव चर्चा के दौरान पोखर में डूबने से छह वर्षीय बच्ची की मौत, गांव में पसरा मातम



प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By मनीष गिरि

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >