बड़हरिया में दलहन की खेती करने वाले किसानों के लिए फसल की सही देखभाल और समय पर कीट-रोग की पहचान बेहद जरूरी है. इसी को ध्यान में रखते हुए प्रखंड की सदरपुर पंचायत के सदरपुर गांव के पूरब टोला में किसानों को अरहर की खेती से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी गयीं. आत्मनिर्भर दलहन योजना के तहत द्वितीय सत्र प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया.
प्रशिक्षण कार्यक्रम की देखरेख सहायक तकनीकी प्रबंधक ने की. इस दौरान किसानों को अरहर की फसल में लगने वाले विभिन्न कीट और रोगों की पहचान करने के साथ उनके नियंत्रण के उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गयी. किसानों को फसल की बेहतर देखभाल से जुड़ी जरूरी तकनीकी जानकारी भी दी गयी.
कृषि योजनाओं और तकनीकों की दी जानकारी
प्रशिक्षण के दौरान किसानों को कृषक हित समूह और फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल यानी एफएफएस ऐप के बारे में बताया गया. इसके अलावा कृषि यंत्रीकरण योजना, कस्टम हायरिंग सेंटर, कृषि यंत्र बैंक और फसल अवशेष प्रबंधन के लिए कृषि यंत्र बैंक की जानकारी भी दी गयी.
किसानों को बिहार कृषि ऐप, उद्यान विभाग की विभिन्न योजनाओं और वर्मी बेड योजना के बारे में भी जानकारी दी गयी. प्रशिक्षण के दौरान किसानों को खेती से जुड़ी योजनाओं का लाभ लेने और उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करने के बारे में बताया गया.
एफएफएस ऐप से मिलेगा उर्वरक
सहायक तकनीकी प्रबंधक सतीश सिंह ने बताया कि अब किसानों को उर्वरक प्राप्त करने के लिए फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल ऐप का उपयोग करना होगा. इसके लिए किसान अपने एंड्रॉयड मोबाइल के प्ले स्टोर से एफएफएस ऐप डाउनलोड कर सकते हैं.
ऐप में किसान आईडी अथवा आधार कार्ड के माध्यम से लॉगिन करना होगा. इसके बाद जमीन और फसल से जुड़ा विवरण दर्ज करना होगा. प्रक्रिया पूरी करने के बाद किसान को उर्वरक दुकान का चयन कर आवेदन सबमिट करना होगा.
बार कोड के जरिए मिलेगा उर्वरक
आवेदन सबमिट करने के बाद बार कोड के माध्यम से उर्वरक प्राप्त किया जा सकेगा. प्रशिक्षण के दौरान किसानों को इस पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी गयी, ताकि उर्वरक लेने में उन्हें परेशानी न हो.
कार्यक्रम में राजेश्वर सिंह, रामप्रवेश सिंह, कृष्णा सिंह, बिंदा सिंह, अर्जुन सिंह, उमाशंकर सिंह, आकाश कुमार, रामायण सिंह और रमाशंकर सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे.
