मौसम बदलते ही लोग होने लगे बीमार

. महाराजगंज अनुमंडल क्षेत्र में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है.दिन में तेज धूप, सुबह और शाम में ठिठुरन वाली सर्द हवा और रात में बढ़ती ठंड ने लोगों को कई समस्याओं से जूझने पर मजबूर कर दिया है. इसी वजह से पूरे अनुमंडल में सर्दी, खांसी, जुकाम और वायरल बुखार के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. मौसम की इस अनियमितता ने स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव बढ़ा दिया है,

प्रतिनिधि, महाराजगंज. महाराजगंज अनुमंडल क्षेत्र में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है.दिन में तेज धूप, सुबह और शाम में ठिठुरन वाली सर्द हवा और रात में बढ़ती ठंड ने लोगों को कई समस्याओं से जूझने पर मजबूर कर दिया है. इसी वजह से पूरे अनुमंडल में सर्दी, खांसी, जुकाम और वायरल बुखार के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. मौसम की इस अनियमितता ने स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव बढ़ा दिया है, .सुबह और रात के तापमान में गिरावट तथा दिन के समय अप्रत्याशित धूप के कारण बच्चों और बुजुर्गों की सेहत सबसे अधिक प्रभावित हो रही है. कई लोग गले में खराश, बुखार, सिरदर्द, थकान और सांस संबंधी दिक्कतों की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं. वहीं सुबह के समय छाए रहने वाले कुहासे ने आमजन की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं. लोग काम पर निकलने या स्कूल-कॉलेज जाने में परेशानी महसूस कर रहे हैं. मरीजों की संख्या में 10 से 15 प्रतिशत तक की वृद्धि: अनुमंडल के सभी स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों की संख्या में 10 से 15 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई है.अनुमंडलीय अस्पताल से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हो या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सभी जगहों पर ऐसे मरीजों की संख्या में वृद्वि देखी जा रही है.रविवार को महाराजगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में आसपास के कई गांवों से बड़ी संख्या में मरीज अस्पताल पहुंचे. ओपीडी में भीड़ लगी रही. सांस संबंधी परेशानी, सीने में दर्द और वायरल संक्रमण की पुष्टि के लिए एक्स-रे कराने पहुंचे कई मरीजों को बिना जांच कराए ही लौटना पड़ रहा है. मजबूरी में कई लोगों ने निजी क्लिनिकों का सहारा लिया जबकि आर्थिक रूप से कमजोर रोगी दवा लेकर ही घर लौट गए.स्वास्थ्य कर्मियों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोग बीमारियों के शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे संक्रमण गंभीर होकर अस्पताल तक ले आता है. मौसम की अनियमितता में विशेष सावधानी बरतें प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ.विपीन कुमार सिन्हा ने बताया कि बदलते मौसम ने दमा, खांसी, जुकाम, वायरल इंफेक्शन, टॉन्सिल और सांस से जुड़ी बीमारियों के मामलों में तेजी से इजाफा किया है.उन्होंने कहा कि मौसम इस समय बेहद संवेदनशील है और खासकर बच्चों तथा बुजुर्गों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है. यही कारण है कि वे संक्रमण की चपेट में जल्दी आते हैं.छोटे बच्चों में कफ जमना, तेज बुखार, गले में खराश और सांस फूलने जैसे लक्षण बढ़ रहे हैं, जबकि बुजुर्गों में दमा और पुरानी श्वसन संबंधी बीमारियां दोबारा उभर रही हैं.

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Author: DEEPAK MISHRA

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