सीवान में पेपरलेस रजिस्ट्री का असर, तीन कार्यालयों में हुई महज आठ जमीन की रजिस्ट्री

सीवान में 17 अगस्त से पेपरलेस निबंधन व्यवस्था लागू होने के बाद रजिस्ट्री कचहरी की तस्वीर बदल गई है. नई व्यवस्था के कारण निबंधन की रफ्तार में कमी आई है, जहां गुरुवार को केवल आठ जमीन की रजिस्ट्री हुई. लोग नई प्रक्रिया को समझने में समय ले रहे हैं, जिससे दैनिक रजिस्ट्री की संख्या पर असर पड़ा है.

Paperless Registration: जिले के निबंधन कार्यालयों में 17 अगस्त से पेपरलेस निबंधन व्यवस्था लागू होने के बाद रजिस्ट्री कचहरी की तस्वीर अचानक बदल गयी है. नयी व्यवस्था लागू होने के बाद निबंधन की रफ्तार में कमी आयी है. गुरुवार को जिला निबंधन कार्यालय सीवान सदर, दरौली और बड़हरिया निबंधन कार्यालय में कुल महज आठ जमीन की रजिस्ट्री हुई. सामान्य दिनों में जमीन की खरीद-बिक्री कराने वाले लोगों और दस्तावेज नवीसों से गुलजार रहने वाले इन कार्यालयों में गुरुवार को अपेक्षाकृत सन्नाटा पसरा रहा.

पहले भीड़, अब पूछताछ के लिए पहुंच रहे लोग

सुबह से ही निबंधन कार्यालयों में लोगों की आवाजाही कम रही. इक्के-दुक्के लोग ही कार्यालय पहुंचे. इनमें अधिकांश लोग जमीन की रजिस्ट्री कराने के बजाय पेपरलेस निबंधन की प्रक्रिया और इससे जुड़ी जानकारी लेते नजर आये. नयी व्यवस्था के तहत रजिस्ट्री कराने के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करनी पड़ रही है. कागजी कार्रवाई में भी बदलाव किया गया है. इसके कारण लोगों को नयी व्यवस्था को समझने में समय लग रहा है. इसका असर निबंधन की दैनिक संख्या पर दिखाई दे रहा है.

निबंधन का काम जारी, लेकिन रफ्तार हुई धीमी

सामान्य दिनों में जिला निबंधन कार्यालय समेत जिले के अन्य निबंधन कार्यालयों में सुबह से ही जमीन की खरीद-बिक्री कराने वालों की भीड़ जुट जाती थी. दस्तावेज नवीसों के पास भी लोगों की भीड़ रहती थी. रजिस्ट्री कचहरी परिसर में दिनभर चहल-पहल बनी रहती थी. पेपरलेस व्यवस्था लागू होने के बाद यह तस्वीर फिलहाल बदल गयी है.

गुरुवार को कार्यालय परिसर में कम संख्या में लोग पहुंचे. जो लोग पहुंचे, उनमें कई नयी व्यवस्था के बारे में जानकारी लेते नजर आये. कार्यालय के अंदर जिला अवर निबंधक समेत सभी कर्मचारी अपने-अपने टेबल पर मौजूद रहे. निबंधन से संबंधित कामकाज सामान्य तरीके से चलता दिखाई दिया. कुछ लोगों का पेपरलेस प्रक्रिया के तहत निबंधन पूरा होने के बाद दस्तावेज प्राप्त करते हुए भी देखा गया. इससे स्पष्ट हुआ कि नयी व्यवस्था के तहत निबंधन का काम बंद नहीं हुआ है, बल्कि इसकी गति पहले की तुलना में धीमी हुई है.

पांच कार्यालयों में लागू हुई व्यवस्था

जिले के सभी निबंधन कार्यालयों में 17 अगस्त से पेपरलेस निबंधन व्यवस्था लागू की गयी है. इसके तहत जमीन, मकान और फ्लैट समेत अन्य संपत्तियों के निबंधन की प्रक्रिया को कागजरहित और ऑनलाइन किया गया है. नयी व्यवस्था का उद्देश्य निबंधन प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और सुरक्षित बनाना है. हालांकि शुरुआत में लोगों को ऑनलाइन प्रक्रिया और नयी कार्यप्रणाली समझने में परेशानी हो रही है. इसका असर निबंधन की संख्या पर भी पड़ रहा है.

निबंधन कार्यालय से जुड़े लोगों का कहना है कि नयी व्यवस्था के पूरी तरह समझ में आने के बाद लोगों की परेशानी कम होगी. इसके बाद रजिस्ट्री की संख्या में भी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है. फिलहाल जमीन की खरीद-बिक्री करने वाले लोग निबंधन कार्यालय पहुंचकर प्रक्रिया की जानकारी ले रहे हैं और आवश्यक तैयारी के बाद रजिस्ट्री कराने की ओर बढ़ रहे हैं.

क्या कहते हैं जिला अवर निबंधक

जिला अवर निबंधक गोपेश कुमार चौधरी ने बताया कि पेपरलेस रजिस्ट्री की प्रक्रिया काफी आसान है. आम लोगों को नयी व्यवस्था को समझने की जरूरत है. पेपरलेस प्रक्रिया में जालसाजी की संभावना बिल्कुल नहीं है. किसी प्रकार की परेशानी होने पर लोग निबंधन कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि पेपरलेस निबंधन की प्रक्रिया को लेकर लोगों की समझ भी लगातार बढ़ रही है. आने वाले दिनों में व्यवस्था के पूरी तरह सुचारू होने की उम्मीद है.

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By Vivek Kumar

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