Siwan Panchayat Election 2026: प्रखंड में आगामी पंचायत चुनाव को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं. राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर स्थानीय प्रशासन चुनाव संबंधी प्रक्रियाओं को अंतिम रूप देने में जुटा है. इसी बीच पंचायत चुनाव में आरक्षण रोस्टर में संभावित बदलाव की चर्चा ने वर्तमान जनप्रतिनिधियों, संभावित उम्मीदवारों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं की बेचैनी बढ़ा दी है.
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार राज्य निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर पंचायतों की आरक्षण सूची तैयार की जा रही है. इससे संबंधित आंकड़ों को पोर्टल पर अपलोड करने का कार्य तेजी से चल रहा है. सभी सूचनाओं का सत्यापन कर प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है.
इन पदों पर होगा पंचायत चुनाव
महाराजगंज प्रखंड में पंचायत चुनाव के दौरान जिला परिषद सदस्य के 2, मुखिया और सरपंच के 16-16, पंचायत समिति सदस्य के 22 तथा वार्ड सदस्य और पंच के 219 पदों पर चुनाव कराया जाएगा. चुनाव को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं.
गांव-गांव शुरू हुआ जनसंपर्क अभियान
पंचायत चुनाव की संभावनाओं को देखते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं. संभावित उम्मीदवार गांव-गांव जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं. सामाजिक बैठकों, जनसंपर्क कार्यक्रमों और स्थानीय आयोजनों के माध्यम से वे अपनी सक्रियता बढ़ाने में जुटे हैं.
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आरक्षण सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद चुनावी तस्वीर काफी हद तक साफ हो जाएगी और इसके बाद चुनावी गतिविधियां और तेज होंगी.
आरक्षण रोस्टर को लेकर बढ़ी चिंता
संभावित आरक्षण फेरबदल को लेकर पंचायत स्तर की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. सामान्य, पिछड़ा वर्ग, अति पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और महिला आरक्षित सीटों के नए सिरे से निर्धारण की संभावना जताई जा रही है. इससे कई वर्तमान जनप्रतिनिधियों को आशंका है कि सीटों के आरक्षण वर्ग में बदलाव होने पर उनकी राजनीतिक स्थिति प्रभावित हो सकती है. वहीं नए दावेदार भी अंतिम आरक्षण सूची जारी होने का इंतजार कर रहे हैं.
10 वर्ष बाद बदलता है आरक्षण रोस्टर
पंचायती राज नियमावली के अनुसार प्रत्येक 10 वर्ष के बाद आरक्षण रोस्टर में परिवर्तन का प्रावधान है. वर्ष 2016 में पंचायतों के विभिन्न पदों की आरक्षित श्रेणियों में बदलाव किया गया था. अब वर्ष 2026 में आरक्षण चक्र पूरा होने के कारण कई पंचायतों में सीटों के आरक्षण स्वरूप में बदलाव की संभावना जताई जा रही है.
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