एफआरके के आते ही धान की कुटाई दोबारा शुरू

सीवान.जिले में ठप पड़ी धान कुटाई की प्रक्रिया फिर रफ्तार पकड़ने लगी है. एफआरके की आपूर्ति होते ही जिले में धान की कुटाई दोबारा शुरू हो गई है और चावल आपूर्ति पर मंडरा रहा संकट फिलहाल टल गया है.महाराजगंज प्रखंड स्थित सीएमआर संग्रहण केंद्र पर बुधवार को पूजा-अर्चना के साथ उसना सीएमआर लेने के लिए केंद्र का शुभारंभ किया गया.

प्रतिनिधि. सीवान.जिले में ठप पड़ी धान कुटाई की प्रक्रिया फिर रफ्तार पकड़ने लगी है. एफआरके की आपूर्ति होते ही जिले में धान की कुटाई दोबारा शुरू हो गई है और चावल आपूर्ति पर मंडरा रहा संकट फिलहाल टल गया है.महाराजगंज प्रखंड स्थित सीएमआर संग्रहण केंद्र पर बुधवार को पूजा-अर्चना के साथ उसना सीएमआर लेने के लिए केंद्र का शुभारंभ किया गया.

महाराजगंज सीएमआर संग्रहण केंद्र पर सहायक प्रबंधक अधिप्राप्ति आदित्य रंजन की देखरेख में सीएमआर की प्राप्ति शुरू कर दी गई. इस दौरान एक लॉट उसना और एक लॉट अरवा सीएमआर प्राप्त किया गया. उसना सीएमआर महाराजगंज के रढ़िया स्थित किसान राइस मिल में तैयार किया गया था, जबकि अरवा सीएमआर गोरेयाकोठी प्रखंड के बिंदवल पैक्स राइस मिल में तैयार हुआ. सीएमआर के पहुंचते ही प्रशासन और पैक्स स्तर पर राहत की सांस ली जा रही है. बिहार राज्य खाद्य निगम द्वारा अब तक सीएमआर के लिए 80 स्वीकृतादेश जारी किए जा चुके हैं.इसके तहत जिले को अब तक 464 टन सीएमआर प्राप्त हो चुका है.अधिकारियों के अनुसार आने वाले दिनों में इसमें और तेजी आने की उम्मीद है. जिससे सरकारी गोदामों में चावल की आपूर्ति सुचारु रूप से हो सकेगी.गौरतलब है कि जिले में एफआरके की उपलब्धता समाप्त होते ही धान की कुटाई बाधित हो गई थी. जिससे सीएमआर आपूर्ति पर संकट गहरा गया था.इस गंभीर समस्या को प्रभात खबर ने 18 जनवरी के अंक में एफआरके समाप्त होते ही जिले में धान कुटाई बाधित, चावल आपूर्ति पर संकट शीर्षक से प्रमुखता से प्रकाशित किया था. खबर प्रकाशित होने के बाद विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया और तेजी दिखाते हुए जिले में एफआरके की आपूर्ति सुनिश्चित की.

जानकारी के अनुसार सीएमआर तैयार करने के लिए अब तक कुल 329 क्विंटल एफआरके जिले में भेजा जा चुका है. इसके बाद ही राइस मिलों में कुटाई का काम दोबारा शुरू हो सका.अब तक जिले में 7772 किसानों से कुल 44 हजार 685 टन धान की खरीद की जा चुकी है. कुटाई बाधित रहने के कारण चावल आपूर्ति को लेकर दबाव बढ़ गया था, लेकिन एफआरके के पहुंचते ही स्थिति में सुधार होने लगा है. अधिकारियों का कहना है कि यदि एफआरके की आपूर्ति इसी तरह नियमित बनी रही, तो जिले में सीएमआर आपूर्ति लक्ष्य को समय पर पूरा कर लिया जाएगा. जिला प्रबंधक आसिफ इकबाल ने कहा कि एफआरके की आपूर्ति होते ही जिले में धान की कुटाई दोबारा शुरू हो गई है.जिससे सीएमआर आपूर्ति में तेजी आई है. उन्होंने बताया कि सीएमआर प्राप्त करने के लिए स्वीकृतादेश जारी किया जा रहा है. अब सीएमआर संग्रहण कार्य नियमित रूप से हो रहा है.सभी राइस मिलों को तय समय पर कुटाई और चावल आपूर्ति के निर्देश दिए गए हैं, ताकि पैक्स को किसी तरह की परेशानी न हो.

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By DEEPAK MISHRA

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