सीवान में TRE-3 शिक्षकों पर संकट, 18 माह वाले NIOS D.El.Ed की होगी जांच

सीवान में TRE-3 के तहत 18 माह के NIOS D.El.Ed के आधार पर नियुक्त शिक्षकों की जांच शुरू हो गयी है. डीईओ ने सभी बीईओ से ऐसे शिक्षकों की सूची मांगी है.

सीवान: शिक्षक नियुक्ति परीक्षा के तीसरे चरण (TRE-3) के तहत 18 माह के एनआईओएस डीएलएड के आधार पर नियुक्त शिक्षकों की सेवा समाप्त करने की प्रक्रिया सीवान जिले में शुरू कर दी गयी है. प्राथमिक शिक्षा निदेशक के निर्देश के बाद जिला शिक्षा विभाग ने इस दिशा में कार्रवाई तेज कर दी है. विभाग की ओर से कहा गया है कि शिक्षक नियुक्ति विज्ञापन की शर्तों के अनुसार एनआईओएस से प्राप्त 18 माह की डीएलएड उपाधि विद्यालय अध्यापक पद के लिए मान्य नहीं है.

जिला शिक्षा पदाधिकारी राघवेंद्र प्रताप सिंह ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (बीईओ) को अपने-अपने प्रखंडों में ऐसे शिक्षकों की पहचान कर सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है. इसके साथ ही संबंधित शिक्षकों के प्रमाणपत्रों और नियुक्ति से जुड़े दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन कराने को कहा गया है.

एनआईओएस की 18 माह की डीएलएड उपाधि पर सवाल

जिला शिक्षा विभाग के अनुसार, शिक्षा विभाग के 7 दिसंबर 2023 के आदेश और शिक्षक नियुक्ति विज्ञापन संख्या 22/2024 की शर्तों के आधार पर एनआईओएस से प्राप्त 18 माह की डीएलएड उपाधि विद्यालय अध्यापक पद के लिए वैध नहीं मानी जा रही है.

इसी आधार पर तीसरे चरण में नियुक्त उन शिक्षकों की पहचान की जा रही है, जिन्होंने इसी योग्यता के आधार पर शिक्षक पद हासिल किया है. विभाग ने सभी बीईओ को ऐसे शिक्षकों की सूची तैयार कर जिला मुख्यालय को उपलब्ध कराने को कहा है.

बीईओ करेंगे शिक्षकों का भौतिक सत्यापन

प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में कार्यरत शिक्षकों की पहचान करने के साथ उनके शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण प्रमाणपत्रों का भौतिक सत्यापन करने का निर्देश दिया गया है. सत्यापन के बाद संबंधित शिक्षकों की अंतिम सूची जिला शिक्षा कार्यालय को भेजी जायेगी.

विभागीय कार्रवाई के बाद ऐसे शिक्षकों में नौकरी को लेकर चिंता बढ़ गयी है. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सीवान जिले में दर्जनों शिक्षक इस प्रक्रिया के दायरे में आ सकते हैं. हालांकि, अंतिम संख्या भौतिक सत्यापन और विभागीय जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी.

सूबे में करीब तीन हजार शिक्षकों पर असर की संभावना

विभागीय निर्देश का असर केवल सीवान तक सीमित नहीं है. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, राज्य में करीब तीन हजार शिक्षक इस कार्रवाई की जद में आ सकते हैं. तीसरे चरण की शिक्षक नियुक्ति के तहत बहाल हुए अभ्यर्थियों में जिनकी नियुक्ति 18 माह के एनआईओएस डीएलएड के आधार पर हुई है, उनके प्रमाणपत्रों की जांच की जा रही है.

शिक्षा विभाग के पुराने आदेशों और नियुक्ति विज्ञापन की शर्तों का हवाला देते हुए अब ऐसे शिक्षकों की सेवा की वैधता की समीक्षा की जा रही है. विभागीय जांच के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी.

टीआरई-3 के अभ्यर्थियों की बढ़ी चिंता

18 माह के एनआईओएस डीएलएड को लेकर विभागीय कार्रवाई शुरू होने के बाद टीआरई-3 के तहत नियुक्त शिक्षकों की चिंता बढ़ गयी है. शिक्षकों के बीच इस बात को लेकर भी असमंजस है कि प्रमाणपत्र सत्यापन की प्रक्रिया के बाद किन-किन शिक्षकों की सेवा प्रभावित होगी.

जिला शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि बीईओ की रिपोर्ट और प्रमाणपत्रों के सत्यापन के बाद ही संबंधित मामलों में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जायेगी.

Also Read : VIDEO : बांकीपुर में वोटिंग के बीच प्रशांत किशोर पर क्या-क्या कह रहे सत्ताधारी नेता, एक जगह देखिए


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By मनीष गिरि

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >