सरकारी कार्यक्रमों में पत्रकारों की उपेक्षा पर नेशनल जर्नलिस्ट एसोसिएशन सख्त, पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग

नेशनल जर्नलिस्ट एसोसिएशन (NJA) ने सरकारी आयोजनों में पत्रकारों को मूलभूत सुविधाएं न मिलने और प्रशासनिक उपेक्षा के मुद्दे को उठाया है. संगठन ने बिहार सरकार से तत्काल पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग की है.

सीवान: सरकारी कार्यक्रमों के दौरान कवरेज करने पहुंचने वाले पत्रकारों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिलने और प्रशासनिक उपेक्षा के मामलों को लेकर मीडियाकर्मियों में नाराजगी बढ़ रही है. पत्रकारों के हित और अधिकारों के लिए काम करने वाले संगठन नेशनल जर्नलिस्ट एसोसिएशन (NJA) ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाते हुए बिहार सरकार से सरकारी आयोजनों में पत्रकारों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने और राज्य में जल्द पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग की है.

मुख्यमंत्री को भेजा गया ज्ञापन, सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग

नेशनल जर्नलिस्ट एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश कुमार गुप्ता ने बिहार के मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर सरकारी कार्यक्रमों में पत्रकारों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है.

ज्ञापन में पत्रकारों के लिए सुरक्षित प्रवेश, वाहन पार्किंग, पेयजल, बैठने की व्यवस्था सहित अन्य जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित करने की मांग की गई है.

महिला पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान पर पूजा मिश्रा ने उठाए सवाल

महिला पत्रकारों की समस्याओं को लेकर एनजेए की बिहार महिला प्रदेश अध्यक्ष पूजा मिश्रा ने कहा कि सरकारी कार्यक्रमों में जिला प्रशासन की लापरवाही का सबसे अधिक असर महिला पत्रकारों को झेलना पड़ता है.

उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी और धूप में कार्यक्रम स्थलों पर पेयजल की व्यवस्था नहीं होना तथा महिलाओं के लिए स्वच्छ शौचालय और सुरक्षित बैठने की सुविधा का अभाव बेहद गंभीर विषय है.

पूजा मिश्रा ने कहा कि सरकार एक ओर महिला सशक्तिकरण की बात करती है, वहीं दूसरी ओर फील्ड में काम करने वाली महिला पत्रकारों को सुरक्षा और सम्मान देने में प्रशासन विफल साबित हो रहा है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि महिला पत्रकारों की सुरक्षा और गरिमा सुनिश्चित नहीं की गई तो राज्यभर की महिला पत्रकार इसके खिलाफ आवाज उठाएंगी.

जिलों में पत्रकारों की उपेक्षा का आरोप

बिहार प्रदेश अध्यक्ष अबोध ठाकुर ने कहा कि राज्य के कई जिलों से अधिकारियों द्वारा पत्रकारों की उपेक्षा और परेशान किए जाने की शिकायतें लगातार संगठन को मिल रही हैं.

उन्होंने कहा कि सीवान की घटना इसका उदाहरण है. यदि जिला स्तर के अधिकारियों ने अपना रवैया नहीं बदला और पत्रकारों को सम्मानजनक स्थान व सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं, तो संगठन आंदोलन करने को बाध्य होगा.

लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को सम्मान देने की मांग

एनजेए के राष्ट्रीय संगठन सचिव अभिषेक श्रीवास्तव ने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के साथ इस तरह का व्यवहार प्रशासनिक संवेदनहीनता को दर्शाता है. पत्रकारों को सम्मानजनक माहौल और आवश्यक सुविधाएं मिलनी चाहिए.

सीवान के सहयोग शिविर में सामने आई थी अव्यवस्था

गौरतलब है कि 16 जून को सीवान के पपौर गांव में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कार्यक्रम "सहयोग शिविर" के दौरान मीडियाकर्मियों को अव्यवस्था का सामना करना पड़ा था.

एनजेए के अनुसार, भीषण गर्मी के बावजूद पत्रकार दीर्घा में पेयजल की व्यवस्था नहीं थी. इसके अलावा पत्रकारों के वाहनों के लिए अलग पार्किंग की व्यवस्था नहीं की गई थी. पत्रकारों को सभा स्थल से दूर वाहन खड़े करने पड़े और भीड़ के बीच पैदल कार्यक्रम स्थल तक पहुंचना पड़ा.

संगठन ने मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में इस मामले का विशेष रूप से उल्लेख किया है.

पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग दोहराई

एनजेए के राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश कुमार गुप्ता ने कहा कि संगठन पिछले कई वर्षों से बिहार में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग कर रहा है, लेकिन अब तक सरकार की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई है.

उन्होंने कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान के लिए ठोस कानून समय की जरूरत है.

प्रेस काउंसिल और मुख्य सचिव को भी भेजी गई प्रतिलिपि

एनजेए की ओर से मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन की प्रतिलिपि प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI) के अध्यक्ष व सचिव, बिहार के मुख्य सचिव और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव व निदेशक को भी भेजी गई है.

संगठन ने मांग की है कि सभी जिला प्रशासन को सरकारी कार्यक्रमों में पत्रकारों के लिए सुरक्षित व्यवस्था, सुगम प्रवेश, पार्किंग और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने का निर्देश दिया जाए.


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लेखक के बारे में

Author: Manish giri

Published by: Vivek Ranjan

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