सीवान: माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण एवं कल्याण अधिकरण की बैठक शुक्रवार को सदर एसडीओ आशुतोष गुप्ता की अध्यक्षता में उनके कार्यालय प्रकोष्ठ में आयोजित की गयी. बैठक में वरिष्ठ नागरिकों से जुड़े विभिन्न मामलों की सुनवाई की गयी तथा संबंधित पक्षों को आवश्यक निर्देश दिये गये.
मारपीट और घर से निकालने की धमकी की शिकायत
मैरवा धाम की मिंता देवी ने अधिकरण के समक्ष शिकायत की कि पूर्व में आदेश जारी होने के बावजूद उनके सास-ससुर और देवर-देवरानी उनके साथ मारपीट एवं गाली-गलौज करते हैं. साथ ही उन्हें घर से निकालने की धमकी भी दी जाती है. मामले की सुनवाई के दौरान अधिकरण ने बकाया भरण-पोषण राशि 15 अगस्त तक ससुर के बैंक खाते में जमा करने का निर्देश दिया. इसकी रसीद 17 अगस्त को होने वाली अगली बैठक में प्रस्तुत करने को कहा गया.
वहीं, पीड़ित ससुर प्रेमचंद शर्मा को भी निर्देश दिया गया कि यदि वे अपने पुत्र और पुत्रवधू को घर से निकालते हैं, तो इससे उन्हें मिलने वाली भरण-पोषण राशि में बाधा उत्पन्न हो सकती है.
बेटे के बैठक में नहीं पहुंचने पर जतायी नाराजगी
हसनपुरा प्रखंड के रफीपुर निवासी सरस्वती देवी के मामले में सूचना दिए जाने के बावजूद उनके पुत्र रामशंकर यादव के बैठक में उपस्थित नहीं होने पर अध्यक्ष सह एसडीओ ने नाराजगी जतायी. उन्होंने मामले के निष्पादन में सहयोग नहीं करने पर संबंधित पक्ष के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी.
चार बेटों पर भरण-पोषण नहीं करने का आरोप
नगर क्षेत्र के नवलपुर निवासी रामरती देवी ने अधिकरण को बताया कि करीब एक वर्ष पूर्व उनके मामले का निष्पादन हो चुका है. इसके बावजूद उनके चारों पुत्र शंभू चौहान, संतोष चौहान, मोहन चौहान और आनंद चौहान न तो उनका भरण-पोषण कर रहे हैं और न ही उनकी सेवा-सुश्रुषा कर रहे हैं. मामले में अधिकरण ने संबंधित पक्षों से बातचीत के बाद आगे का आदेश पारित करने का निर्णय लिया.
अनुपस्थित पक्षों को नोटिस जारी
इसके अलावा लहेजी निवासी गोपालजी कुशवाहा सहित अन्य मामलों में वादी और प्रतिवादी के उपस्थित नहीं होने पर अधिकरण ने नोटिस जारी किया. संबंधित पक्षों को अगली बैठक में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया गया.
बैठक में सदस्य मनोज मिश्र, डॉ. अनिल कुमार श्रीवास्तव, अरुण कुमार, रविंद्र कुमार, सहायक मो. दानिश सहित पीड़ित वरिष्ठ नागरिक और उनके परिजन उपस्थित रहे.
