Bihar Band Protest: आरवाईए, आइसा समेत वाम संगठनों की केंद्रीय टीम मंगलवार को सीवान पहुंची. टीम ने बिहार बंद के दौरान शहर में हुई हिंसक आंदोलन, पुलिस लाठीचार्ज और फायरिंग की घटनाओं की जांच की.
इस दौरान टीम के सदस्यों ने घायल युवकों के परिजनों से मुलाकात कर घटना की पूरी जानकारी ली और न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया.
घायल युवकों के परिजनों से की मुलाकात
जांच के बाद टीम के सदस्यों ने भाकपा माले जिला कार्यालय में पत्रकार वार्ता की. इस दौरान आरवाईए के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजीत कुशवाहा ने कहा कि संगठन के नेताओं और कार्यकर्ताओं को राजनीतिक दुर्भावना के तहत फंसाया गया है.
उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व विधायक अमरजीत कुशवाहा, युवा नेता विशाल, पवन, विश्वकर्मा, अरुण समेत अन्य लोगों के खिलाफ साजिश के तहत मुकदमा दर्ज किया गया और गिरफ्तारी की गई.
रिहाई नहीं हुई तो बड़े आंदोलन की चेतावनी
अजीत कुशवाहा ने कहा कि विधायक संदीप सौरभ को भी पुलिस ने उनके घर से उठाकर बिना प्रोटोकॉल का पालन किए जेल भेज दिया.
उन्होंने कहा कि इसके खिलाफ बड़े आंदोलन की घोषणा की गई थी. समझौते के बाद भी यदि सभी आंदोलनकारियों की रिहाई नहीं होती है तो संगठन लंबी लड़ाई लड़ेगा.
उन्होंने कहा कि उनकी लड़ाई शिक्षा व्यवस्था को लेकर है. आरोप लगाया कि 551 स्कूलों का नाम बदलकर सरस्वती विद्या निकेतन करने की प्रक्रिया से शिक्षा व्यवस्था का भगवाकरण किया जा रहा है.
दमन के खिलाफ जारी रहेगी लड़ाई: आइसा
आइसा के राष्ट्रीय महासचिव प्रसनजीत ने कहा कि भगवानों को लेकर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में डेढ़ माह तक चले आंदोलन के दबाव में शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा.
उन्होंने कहा कि समस्याओं का समाधान संवाद से हो सकता है, हथियारों और गोली से नहीं. उन्होंने कहा कि छात्र-युवाओं के अधिकार और सरकारी दमन के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा.
उन्होंने बंगाल में आंदोलनकारियों पर एनएसए लगाए जाने का भी जिक्र किया.
प्रेस वार्ता में कई नेता रहे मौजूद
प्रेस कॉन्फ्रेंस में काराकाट विधायक अरुण सिंह, इंकलाबी नौजवान सभा के राज्य सचिव शिव प्रकाश रंजन, सह सचिव जयशंकर पंडित, आइसा की पूर्व राज्य अध्यक्ष प्रीति कुमारी, राज्य सचिव सबीर कुमार सहित कई नेता मौजूद रहे.
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