सीवान में श्रीकृष्ण बाल मेले का भव्य शुभारंभ, बच्चों की शोभायात्रा ने मोहा मन

श्रीकृष्ण बाल मेले का भव्य शुभारंभ भक्तिमय हरिकीर्तन और बच्चों की आकर्षक शोभायात्रा के साथ हुआ. सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया, जहां श्री कृष्ण के जीवन दर्शन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया गया.

Shri Krishna Baal Mela: श्रीकृष्ण के जीवन-दर्शन, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित श्रीकृष्ण बाल मेला का रविवार को भव्य शुभारंभ हुआ. आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. शरद चौधरी की अध्यक्षता में विशिष्ट अतिथियों ने मंगलदीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया.

कार्यक्रम की शुरुआत इस्कॉन मंदिर की ओर से प्रस्तुत हरिकीर्तन से हुई, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया. इसके बाद श्रीकृष्ण, राधा और सुदामा की वेशभूषा में सजे बच्चों और उनके अभिभावकों की शोभायात्रा निकाली गयी, जो आयोजन का प्रमुख आकर्षण रही.

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को किया भावविभोर

कार्यक्रम में दीप मंत्र, श्रीकृष्ण स्तुति और योगेश्वर श्रीकृष्ण के चरित्र पर आधारित काव्य पाठ की प्रस्तुति दी गयी. कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से श्रीकृष्ण के जीवन, आदर्शों और संदेशों को जीवंत कर दिया.

इस दौरान गणेश पांडे, शिवन्या कुमार, राजन शाह, करिश्मा कुमारी, अनमोल कुमार, राजन बयान सिंह, गिरिजेश कुमार, रंजन कुमार, अंजना कुमारी, जीतन कुमार, शिवानी कुमारी, सरोज कुमारी, रुद्र प्रताप, समी कुमारी, जिज्ञासा कुमार और राजेश कुमार सहित अन्य कलाकारों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया.

श्रीकृष्ण के जीवन-दर्शन से सीख लेने की अपील

दर्शकों को संबोधित करते हुए प्रो. रविंद्र नाथ पाठक ने कहा कि श्रीकृष्ण का व्यक्तित्व केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता, नागरिक कर्तव्य, कुटुंब की मर्यादा और समाज के कुशल नेतृत्व का अद्भुत समावेश दिखाई देता है.

उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी को श्रीकृष्ण के जीवन-दर्शन से नेतृत्व, कर्तव्य और सामाजिक जिम्मेदारी की प्रेरणा लेनी चाहिए.

समाज को एक सूत्र में जोड़ने का प्रयास

आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. शरद चौधरी ने कहा कि श्रीकृष्ण बाल मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को एक सूत्र में जोड़ने का प्रयास है. उन्होंने कहा कि किसी भी धार्मिक अनुष्ठान, उत्सव या सामाजिक आयोजन की सफलता किसी एक व्यक्ति के प्रयास से संभव नहीं है. इसमें समाज के हर वर्ग की सहभागिता जरूरी है. सामूहिक सहभागिता ही समाज की सबसे बड़ी ताकत है.

शिशु से वृद्ध तक ले रहे हिस्सा

पर्यवेक्षक जादूगर विजय ने कहा कि इस वर्ष का आयोजन विशेष है, क्योंकि इसमें शिशु वर्ग से लेकर वृद्ध तक विभिन्न आयु वर्ग के लोग प्रतिभागी के रूप में शामिल हो रहे हैं. उन्होंने बताया कि आयोजन की प्रेरणा संस्कार भारती से मिली है और इसके लिए संस्था के प्रति वे आज भी कृतज्ञ हैं.

कई लोगों ने कार्यक्रम को किया संबोधित

कार्यक्रम को नंदलाल खादरिया, डॉ. राजन कल्याण सिंह, डॉ. विकास कुमार, राम प्रेम शंकर सिंह, रजनीकांत जायसवाल, लक्ष्मीकांत शाह, अश्विनी कुमार श्रीवास्तव और बृजमोहन प्रसाद ने भी संबोधित किया.

आयोजन की व्यवस्था में डॉ. राकेश तिवारी, लव कुमार साहू, सुनील कुमार, ओम प्रकाश शर्मा, विजय शंकर पांडे, नीरज शर्मा, चंद्रमा चंद्रही, सरोज सोनी, धीरज श्रीवास्तव सहित कई सदस्य सक्रिय रहे.

बच्चों की आकर्षक वेशभूषा, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और शोभायात्रा ने पूरे आयोजन को यादगार बना दिया. मेले के शुभारंभ के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और बच्चों की प्रस्तुतियों का उत्साहवर्धन किया.

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By अमरनाथ शर्मा

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