Shri Krishna Janmashtami: सीवान जंक्शन स्थित आरपीएफ रेलवे कॉलोनी में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व धूमधाम और भक्तिभाव के साथ मनाया गया. इस अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़ी विभिन्न घटनाओं पर आधारित भव्य झांकी सजायी गयी. शुक्रवार की देर शाम झांकी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी.
पूजा-अर्चना के बाद सहायक अभियंता आशुतोष कुमार पांडेय ने भगवान श्रीकृष्ण की भव्य झांकी का उद्घाटन किया. उद्घाटन के बाद श्रद्धालुओं ने झांकी का दर्शन किया और भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना की. इसके बाद भक्ति जागरण का आयोजन किया गया. जागरण में कलाकारों ने एक से बढ़कर एक भक्ति गीत प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को देर रात तक भक्तिरस में डुबोए रखा.
1976 में शुरू हुई थी जन्मोत्सव की परंपरा
आरपीएफ रेलवे कॉलोनी में आयोजित होने वाले श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का पुराना इतिहास रहा है. बताया जाता है कि वर्ष 1976 में आरपीएफ के तत्कालीन निरीक्षक यूएस चिश्ती ने रेलकर्मियों के सहयोग से पहली बार कॉलोनी में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाने की शुरुआत की थी.
इसके बाद से यह आयोजन लगातार धार्मिक और सामाजिक परंपरा के रूप में आगे बढ़ता रहा है. शुरुआती वर्षों में जन्मोत्सव का आयोजन करीब एक सप्ताह तक चलता था. इस दौरान भगवान श्रीकृष्ण के जन्म से लेकर उनके बाल स्वरूप और विभिन्न लीलाओं पर आधारित कार्यक्रम आयोजित किये जाते थे.
रेलकर्मियों के साथ शहरवासियों की भी रहती है भागीदारी
जन्मोत्सव के आयोजन में रेलवे कर्मचारियों के साथ स्थानीय व्यापारियों और शहरवासियों का भी सहयोग मिलता रहा है. यही वजह है कि आरपीएफ रेलवे कॉलोनी का श्रीकृष्ण जन्मोत्सव लंबे समय से सामाजिक एकता और सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल के रूप में देखा जाता है.
इस वर्ष भी आयोजन में रेलवे के विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी तथा शहर के गणमान्य लोग शामिल हुए. बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने भी पहुंचकर झांकी का दर्शन किया और भक्ति जागरण का आनंद लिया.
शुभ षष्ठी संस्कार के साथ होगा समापन
आयोजन समिति की ओर से बताया गया कि भगवान श्रीकृष्ण के शुभ षष्ठी संस्कार के साथ इस वर्ष के जन्मोत्सव कार्यक्रम का समापन किया जाएगा. जन्माष्टमी को लेकर पूरे आयोजन स्थल पर उत्सव का माहौल बना रहा.
कार्यक्रम में आरपीएफ निरीक्षक सुभाष चंद्र यादव, स्टेशन अधीक्षक मुकेश कुमार सिंह, जीआरपी थानाध्यक्ष विकास कुमार आजाद, शैलेन्द्र कुमार पांडेय, उपेंद्र कुमार सिंह सहित रेलवे के विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे.
