जलेस का हुआ 11वां जिला सम्मेलन

रविवार को जनवादी लेखक संघ का 11वां जिला सम्मेलन स्थानीय कन्हैयालाल केन्द्रीय जिला पुस्तकालय, अली इमाम रौशन नगर में जलेस के राज्य उपाध्यक्ष एवं जिला अध्यक्ष वरिष्ठ उस्ताद शायर कमर सीवानी की अध्यक्षता में हुई.

प्रतिनिधि,सीवान.रविवार को जनवादी लेखक संघ का 11वां जिला सम्मेलन स्थानीय कन्हैयालाल केन्द्रीय जिला पुस्तकालय, अली इमाम रौशन नगर में जलेस के राज्य उपाध्यक्ष एवं जिला अध्यक्ष वरिष्ठ उस्ताद शायर कमर सीवानी की अध्यक्षता में हुई. जलेस के प्रदेश सचिव विनिताभ ने बतौर मुख्य अतिथि अपने संबोधन में देश में व्याप्त आर्थिक संकट, शोषण, नफ़रत, लोकतांत्रिक मूल्यों के हो रहे क्षरण पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जनवादी साहित्य एवं साहित्यकारों की महती जिम्मेदारी है कि आमजन के सवालों को लेखनी के माध्यम से राजसत्ता तक पहुंचाएं हीं नहीं वरन् सता कों मजबूर करें कि जनता के सवालों को हल करें. कार्यक्रम के आरंभ दीप प्रज्ज्वलन स्वागताध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता मणीश प्रसाद सिंह, कमर सीवानी, मुख्य अतिथि जलेस राज्य सचिव कुमार विनिताभ द्वारा किया गया. अरुण कुमार सिंह ने 10वें जिला सम्मेलन से लेकर अब तक दिवंगत साहित्यकारों, राजनेताओं, संस्कृति कर्मियों, कलाकारों सैन्यकर्मियों आदि के प्रति दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित करने का प्रस्ताव रखा. वरिष्ठ अधिवक्ता मणीश प्रसाद सिंह ने सभी अतिथियों, प्रतिनिधियों, सदस्यों एवं दर्शकों को स्वागत करते हुए भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में वीर शहीदों, क्रान्तिकारियों, नेताओं, शिक्षाविदों, साहित्यकारों, कलाकारों के योगदान पर वृहद प्रकाश डालते हुए अपने कों गौरवान्वित कर रहे थे. प्रोफेसर राम सुंदर चौधरी ने अतिथियों का अभिनन्दन किया. सम्मेलन के कवि सम्मेलन एवं मुशायरा आयोजित किया गया. वरिष्ठ उस्ताद शायर कमर सीवानी ने अपनी रचना जलेस फलूसों,मेहरों मुरौवत की बात करता है, यह एकता की बात करता है, यह मोहब्बत सीखाता है वफ़ा के सांचे में हरदिल को ढालना होगा,जो डगमगाता है उसको संभालना होगा। संचालक सरवर हाशमी ने दोस्ती का पैगाम दिया करते कि हाथ दुश्मन की तरफ अपना बढ़ाया जाए , दाग़ नफ़रत का हर दिल से मिटाया जाए. विक्रमा पंडित विवेकी की कविता चिथड़े से तन को ढकने का असफल प्रयास,उघरे बदन को देख मिट गए आत्मिक उल्लास। डॉ संदीप कुमार यादव, लाइची हरिराही, आजाद अली, कमलेश्वर ओझा, डॉ रीता कुमारी शर्मा ने अपनी रचनाओं से समां बांध दिया. सम्मेलन के दूसरे सत्र में जिला सचिव मार्कंडेय ने प्रतिवेदन प्रस्तुत किया. प्रतिवेदन पर बहस में भाग लेने वालों में प्रमुख थे युगल किशोर दूबे, रविन्द्र सिंह, प्रोफेसर उपेन्द्र नाथ यादव, दशरथ राम, उपेन्द्र कुमार यादव आदि। सम्मेलन में शहर के साहित्यकारों, कलाकारों, रंगकर्मियों, बुद्धिजीवियों ने भाग लिया जिसमें प्रमुख थे . कार्यक्रम में डॉ दयानंद सिंह, नवीन कुमार वर्मा, कन्हैया प्रसाद यादव, शशि कुमार, नीरज कुमार यादव, सुशील कुमार, मजहरुल हक़, सुनील कुमार सिंह, बिपिन बिहारी सिंह, प्रोफेसर भरत प्रसाद, धर्मेंद्र साह, गणेश राम,दया शंकर द्विवेदी, डॉ जगन्नाथ प्रसाद, मुरलीधर मिश्र, दीनानाथ यादव मौजूद थे.

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Author: DEEPAK MISHRA

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