पुल टूटने से ग्रामीणों की बढ़ गयी हैं परेशानी

गंडकी नदी का पुल टूटने से जहां भोपतपुर गांव दो भागों में बंटे गया है . बरसात के दिनों ग्रामीणों का आपसी संपर्क भी टूट गया है. इस पुल के सहारे दर्जनभर गांवों के लोगों का आवागमन होता रहा है,जो पुल टूटने के बाद से बाधित है.

प्रतिनिधि, बड़हरिया. गंडकी नदी का पुल टूटने से जहां भोपतपुर गांव दो भागों में बंटे गया है . बरसात के दिनों ग्रामीणों का आपसी संपर्क भी टूट गया है. इस पुल के सहारे दर्जनभर गांवों के लोगों का आवागमन होता रहा है,जो पुल टूटने के बाद से बाधित है. बताया जाता है कि पिछले वर्ष जब गंडकी नदी की सफाई हुई,तभी से पुल टूटा पड़ा है. पानी का दबाव बढ़ने से यह पुल धंस गया और उसके बाद टूट गया. पुल टूटने के छह माह बाद इस पुल को बनाने के क्रम में कुछ पीलर डाले गये,जो आजतक अधूरे हैं. बता दें कि गंडकी नदी भोपतपुर गांव को दो भागों में बांटती है व दोनों टोलों के ग्रामीणों की जोत जमीन दोनों तरफ है. बरसात में जब नदी में पानी बढ़ता है तो ग्रामीणों के आवागमन में भारी परेशानी होती है. क्योंकि यह पुल दोनों गांवों सहित दर्जनों गांवों का एकमात्र साधन है.पांच से सात मिनट में दूसरे गांव पहुंचने वाले ग्रामीण अब दो किलोमीटर लंबा रास्ता तय कर दूसरे गांव में पहुंचते हैं. इसी तरह जोगापुर सरैया के ग्रामीणों को भी चक्कर काटकर गांव में पहुंचना पड़ता है. सबसे बड़ी समस्या बच्चों के लिए हैं जिन्हें पुल टूटा होने के कारण घूमकर स्कूल जाना पड़ता है. इस पुल के टूटने से भोपतपुर दोनों टोला, जोगापुर, खुलासा, मझवलिया बाजार,लद्धी, सुल्तानपुर, माधोपुर सहित दर्जनों गांवों के लोगों की कठिनाइयां बढ़ गयी हैं.सरपंच मो मोज्जमिल, समाजसेवी प्रेम कुमार गोड़, वार्ड सदस्य राजेन्द्र महतो,मीना खातून,अशरफ अली,प्रेम शर्मा,रामपुकार शर्मा, राजाराम यादव, दिलीप कुमार, सुरेन्द्र महतो आदि ने टूटे पुल का निर्माण कराने की मांग की है.

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Author: DEEPAK MISHRA

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