185 स्कूलों के एचएम डकार गये 8.64 लाख रुपये

पीएम पोषण योजना के तहत बच्चों को प्रदान किये जाने वाले मध्याह्न भोजन योजना में बड़े पैमाने पर राशि के अनियमितता का मामला सामने आया है. जहां इ शिक्षाकोष पर नामांकन से अधिक बच्चों का रिपोर्ट कर 185 विद्यालयों द्वारा आठ लाख 64 हजार 211 रूपये खुद ही डकार लिया गया है.

मनीष गिरि, सीवान. पीएम पोषण योजना के तहत बच्चों को प्रदान किये जाने वाले मध्याह्न भोजन योजना में बड़े पैमाने पर राशि के अनियमितता का मामला सामने आया है. जहां इ शिक्षाकोष पर नामांकन से अधिक बच्चों का रिपोर्ट कर 185 विद्यालयों द्वारा आठ लाख 64 हजार 211 रूपये खुद ही डकार लिया गया है. समीक्षोपरांत मामला सामने आने पर पीएम पोषण योजना विभाग द्वारा सभी प्रधानाध्यापकों से शोकॉज करते हुए राशि कटौती की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. विभाग से मिली जानकारी के अनुसार पीएम पोषण योजना के तहत फरवरी महीने में 3 करोड 99 लाख 26 हजार 231 रूपये की लिमिट राशि प्राप्त किया गया है. जहां समीक्षा के दौरान ज्ञात हुआ कि उक्त 185 विद्यालयों द्वारा इ शिक्षाकोष पोर्टल पर नामांकित बच्चों से अधिक संख्या दिखाकर मध्याह्न भोजन योजना में व्यय की गयी राशि से आठ लाख 64 हजार 211 रूपये अधिक का ब्यौरा विभाग को भेजा गया है. डीपीओ एमडीएम जय कुमार ने बताया कि पीएम पोषण योजना के निदेशक का स्पष्ट निर्देश है कि इ-शिक्षाकोष पोर्टल पर अंकित नामांकन के आधार पर ही विद्यालय का नामांकन होना चाहिए. जहां समीक्षा के कम में ऐसा पाया जा रहा है कि विद्यालय द्वारा प्रपत्र क में अधिक नामांकन बढ़ाकर लाभान्वित छात्रों की संख्या प्रविष्टि की गयी है. ऐसे में प्रतीत होता है कि विद्यालय द्वारा प्रपत्र क में अधिक छात्रों की संख्या अंकित कर खाद्यान्न एवं राशि का दुरूपयोग किया गया है. मामले में सभी 185 विद्यालयों से राशि की कटौती करते हुए डीपीओ ने शोकॉज किया है. 24 घंटे के भीतर जवाब तलब करते हुए डीपीओ ने जानना चाहा है कि किस परिस्थिति में आपके द्वारा ई-शिक्षाकोष में नामांकित छात्रों से अधिक संख्या लाभान्वित में दर्ज किया गया है. क्या है मामला- जानकारी के अनुसार एमआइएसए पोर्टल और ई शिक्षाकोष पोर्टल पर अपलोड किये गए बच्चों के नामांकन की संख्या में समरूपता होनी चाहिए. वहीं दूसरी ओर पीएम पोषण योजना का स्पष्ट निर्देश है कि ई शिक्षाकोष पोर्टल पर जितने छात्र नामांकित होंगे, उसी के अनुसार एमडीएम की रशि जारी की जायेगी. जबकि ई शिक्षाकोष पोर्टल पर एमआइएस पोर्टल की अपेक्षा नामांकित छात्रों की संख्या कम है. और प्रधानाध्यापक द्वारा एमआइएस पोर्टल पर अपलोड किये गये छात्रों की संख्या के हिसाब से व्यय राशि का डिमांड किया गया है. सदर प्रखंड के इन विद्यालयों से किया गया शोकॉज- सदर प्रखंड के जिन विद्यालयों से शोकॉज किया गया है, उसमें उमवि हालचंद हाता, एनपीएस महमदपुर, एनपीएस हरिबलमा पूरब टोला, एनपीएस पचौरा, एनपीएस जफरा मौजे, एनपीएस ताहिरा, प्रावि पचलखी बालक, प्रावि पचलखी कन्या, प्रावि सुजांव, प्रावि भादा खुर्द, प्रावि अमलोरी, प्रावि सियाड़ी व प्रावि हसनपुरवा पूर्व शामिल है. एक नजर प्रखंड वार विद्यालयों की संख्या पर- प्रखंडवार विद्यालयों की संख्या पर नजर डाले तो आंदर में 09, बड़हरिया में 14, बसंतपुर में 03, भगवानपुर हाट में 18, गोरेयाकोठी में 19, हसनपुरा में 03, हुसैनगंज में 05, जीरोदेई में 12, लकड़ी नबीगंज में 05, महाराजगंज में 07, नौतन में 01, पचरूखी में 23, रघुनाथपुर में 04, सिसवन में 15 च सीवान सदर में 13 विद्यालयों द्वारा अधिक राशि का डिमांड किया गया है.

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Author: DEEPAK MISHRA

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