Siwan News : गुठनी प्रखंड क्षेत्र के मैरीटार गांव में मुख्यमंत्री सात निश्चय-2 के तहत कृषि एवं सिंचाई विभाग की सामूहिक नलकूप योजना करीब पांच साल बाद भी किसानों के लिए उपयोगी नहीं हो सकी है. वर्ष 2022-23 में करीब छह लाख रुपये की लागत से इस योजना को स्वीकृति मिली थी. इसके बाद ठेकेदार द्वारा नलकूप की बोरिंग कराने के साथ भवन का निर्माण भी कराया गया, लेकिन अब तक इसका संचालन शुरू नहीं हो सका है.
दो बार शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
ग्रामीण प्रभात सिंह ने बताया कि सामूहिक नलकूप को चालू कराने के लिए बिहार कृषि एप के माध्यम से दो बार शिकायत दर्ज करायी गयी. इसके बावजूद विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गयी है. ग्रामीणों का कहना है कि योजना के तहत बोरिंग और भवन का निर्माण पूरा होने के बाद भी नलकूप बंद पड़ा है.
निजी साधनों से सिंचाई करने को मजबूर किसान
किसानों के अनुसार सामूहिक नलकूप चालू नहीं होने के कारण उन्हें सिंचाई के लिए निजी साधनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है. इससे खेती की लागत बढ़ गयी है. किसानों का कहना है कि सरकारी योजना का उद्देश्य सामूहिक रूप से किसानों को सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराना था, लेकिन संचालन शुरू नहीं होने से इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है.
विभाग ने कार्रवाई का दिया भरोसा
ग्रामीणों ने विभाग से जल्द सामूहिक नलकूप को चालू कराने की मांग की है, ताकि किसानों को सिंचाई की सुविधा मिल सके और निजी साधनों पर होने वाला अतिरिक्त खर्च कम हो. विभाग की ओर से बताया गया है कि नलकूप को चालू कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है.
