Siwan News: मैरवा थाना क्षेत्र के पंडितपुरा गांव से शनिवार को कथित तौर पर 5.45 लाख रुपये के जाली नोट और नोट छापने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद होने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है. रविवार को दिनभर बाजारों में पुलिस की कार्रवाई चर्चा का विषय बनी रही. छोटे दुकानदारों, सब्जी विक्रेताओं, किराना व्यवसायियों और फुटकर व्यापारियों ने अपने पास मौजूद 100, 200 और 500 रुपये के नोटों की जांच शुरू कर दी.
व्यापारियों का कहना है कि पुलिस कार्रवाई के बाद उन्हें आशंका है कि कहीं अनजाने में उनके पास भी जाली नोट न पहुंच गए हों. कई दुकानदार अब नकदी लेते समय अतिरिक्त सावधानी बरत रहे हैं, जबकि कुछ व्यापारी एक-दूसरे से जाली नोट पहचानने के तरीके भी पूछते नजर आए.
मुख्य आरोपी की तलाश में छापेमारी
मामले में गिरफ्तार महिला और उसके भाई से पूछताछ के बाद पुलिस अब मुख्य आरोपी राजकुमार दुबे की तलाश में जुटी है. पुलिस के अनुसार वह महिला का पति है और इस मामले का प्रमुख आरोपी माना जा रहा है.
पुलिस ने बताया कि संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है. जांच अधिकारियों का मानना है कि उसकी गिरफ्तारी के बाद कथित जाली नोट तैयार करने और उन्हें बाजार में खपाने वाले पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है.
पहले भी दर्ज हो चुके हैं मामले
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार महिला और उसके कुछ सहयोगियों के खिलाफ पहले भी जाली नोट और अन्य आपराधिक मामलों में कार्रवाई हो चुकी है. जांच में उनके आपराधिक रिकॉर्ड की भी पड़ताल की जा रही है.
साधारण प्रिंटर से तैयार किए जा रहे थे कथित जाली नोट
प्रारंभिक जांच के अनुसार, आरोपी साधारण प्रिंटर और कम गुणवत्ता वाली प्रिंटिंग तकनीक का इस्तेमाल कर कथित जाली नोट तैयार कर रहे थे. पुलिस का दावा है कि बरामद कई नोटों पर एक ही सीरियल नंबर पाया गया है.
जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह कथित तौर पर ग्रामीण बाजारों, फेरीवालों और छोटे दुकानदारों को निशाना बनाता था. पुलिस के अनुसार, असली नोटों की गड्डी के बीच कुछ कथित जाली नोट रखकर लोगों को धोखा देने की कोशिश की जाती थी.
जांच जारी
पुलिस ने बरामद नोटों और उपकरणों को जांच के लिए सुरक्षित रखा है. मामले की जांच जारी है और पुलिस पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है.
