298 केंद्रों पर शुरू हुआ कॉपियों का मूल्यांकन

जिला के 19 प्रखंडों के 298 केंद्रों में तीसरी से आठवीं कक्षा के उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन शुक्रवार से शुरू हो गया. मूल्यांकन कार्य 26 सितंबर को संपन्न होगा. इस साल कॉपियों की जांच परियोजना निदेशक के निर्देश पर सीआरसी स्तर पर कराया जा रहा है. मूल्यांकन का कार्य की समाप्ति के बाद स्कूलों में शिक्षक अभिभावक गोष्ठी का आयोजन कर सभी छात्रों को प्रगति पत्रक का वितरण किया जाएगा.

प्रतिनिधि,सीवान. जिला के 19 प्रखंडों के 298 केंद्रों में तीसरी से आठवीं कक्षा के उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन शुक्रवार से शुरू हो गया. मूल्यांकन कार्य 26 सितंबर को संपन्न होगा. इस साल कॉपियों की जांच परियोजना निदेशक के निर्देश पर सीआरसी स्तर पर कराया जा रहा है. मूल्यांकन का कार्य की समाप्ति के बाद स्कूलों में शिक्षक अभिभावक गोष्ठी का आयोजन कर सभी छात्रों को प्रगति पत्रक का वितरण किया जाएगा. इस अवधि में उत्तर पुस्तिका की जांच, परिणाम को मूल्यांकन पंजी व प्रपत्र में संधारण, सारणीयन प्रपत्र में प्रतिवेदन तैयार करना व प्रगति पत्रक में बच्चों के परिणाम को संधारित किया जायेगा. डीपीओ एसएसए जय कुमार ने बताया कि अंदर प्राइमरी व मिडिल स्कूल के परीक्षा में सम्मिलित कक्षा तीन से आठवीं के कॉपियों की जांच की जानी है. जिसमें मूल्यांकन करते हुए विद्यालय स्तरीय, संकुल स्तरीय सारणीयन प्रपत्र भरने, प्रत्येक बच्चों का प्रगति पत्रक तैयार करने का काम किया जाना है. उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन स्वच्छ वातावरण व पूर्ण पारदर्शिता के साथ किया जा रहा है. वार्षिक परीक्षा में इ ग्रेड लाने वाले बच्चों के लिए विशेष कक्षा का संचालन प्रारंभ किया जाएगा. आठवी तक की अर्धवार्षिक परीक्षा को सशक्त बनाने का एसीएस ने दिया था निर्देश- मैट्रिक परीक्षा की तर्ज पर कक्षा एक से आठवीं की तक की परीक्षा शिक्षा विभाग के एसीएस के निर्देश पर लिया गया. वहीं कॉपियों का मूल्यांकन भी केंद्र बनाकर हो रहा है. इसके लिए केंद्र अधीक्षक, प्रधान परीक्षक व सह परीक्षक की नियुक्ति की गई है. मूल्यांकन के दौरान इलेक्ट्रॉनिक्स गजेट्स पर भी प्रतिबंध है. रैंडम तरीके से सौ से एक हजार छात्रों के नाम एवं पता के साथ अंकपत्र की सूची जिला शिक्षा पदाधिकारी को उपलब्ध कराई जाएगी. इन छात्र-छात्राओं के उत्तर पुस्तिका में दिए गए उत्तर का मूल्यांकन एवं अंकशीट आदि की जांच स डीइओ स्वयं करेंगे तथा आवश्यकतानुसार संबंधित छात्र-छात्राओं का साक्षात्कार कर प्रश्न के उत्तर की भी जानकारी लेंगे. इस क्रम में यदि उत्तर पुस्तिका में अंकित ज्ञान और छात्रों के ज्ञान में भिन्नता पाए जाने पर संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी को चिन्हित करते हुए विभाग को सूचित करना सुनिश्चित करेंगे. मालूम हो कि विगत वर्ष प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों में अर्धवार्षिक व वार्षिक परीक्षा को कदाचारमुक्त कराने एवं इसके मूल्यांकन को सुदृढ़ कराने हेतु आवश्यक दिशा-निदेश दिया गया था. कई जिलों से परीक्षा के संचालन एवं इसके मूल्यांकन में पूरी तरह से पारदर्शी एवं सशक्त तरीके से परीक्षा का संचालन एवं मूल्यांकन नहीं कराने संबंधी सूचना विभिन्न स्रोतों से प्राप्त हुई थी.इसको देखते हुए विभाग चौकसी दिखा रहा है. मूल्यांकन का प्रोग्रेस रिपोर्ट ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर होगा अपलोड प्रारम्भिक विद्यालयों के मूल्यांकन में शामिल पहली से आठवीं कक्षा तक के छात्रों बच्चों का रिजल्ट व प्रोग्रेस रिपोर्ट ई शिक्षा कोष पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा. बिहार शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से डीईओ व डीपीओ को मूल्यांकन की रिपोर्ट हर हाल में पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश जारी किया गया है. हर हाल में मूल्यांकन परीक्षा की डाटा को पोर्टल पर अपलोड करना है. इसके लिए डेटा इंट्री ऑपरेटर की प्रतिनियुक्ति भी की गई है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: DEEPAK MISHRA

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >