सीवान में बिजली नहीं आई तो कर्मचारियों को बना दिया 'भगवान', ग्रामीणों ने उतारी आरती, पहनाया तिलक

सीवान के अर्कपुर गांव के ग्रामीणों ने जर्जर बिजली तारों और बाधित विद्युत आपूर्ति से परेशान होकर बिजली विभाग के खिलाफ अनोखे ढंग से विरोध दर्ज कराया. विभाग के कर्मचारियों का तिलक लगाकर और आरती उतारकर उन्होंने अपनी पीड़ा व्यक्त की.

सीवान. भीषण गर्मी और कई दिनों से जर्जर बिजली तारों के कारण बाधित विद्युत आपूर्ति से परेशान आंदर प्रखंड के अर्कपुर गांव के ग्रामीणों ने बिजली विभाग की उदासीनता के खिलाफ अनोखे अंदाज में विरोध दर्ज कराया. विभाग के कर्मियों के गांव पहुंचते ही लोगों ने प्रदर्शन करने के बजाय उनका तिलक लगाया, आरती उतारी, फूल-अक्षत चढ़ाए और प्रसाद के रूप में कोल्ड ड्रिंक भेंट की. इस अनोखे विरोध का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

'आप ही हमारे भगवान हैं', ग्रामीणों ने जताई नाराजगी

ग्रामीणों का कहना था कि कई दिनों से लगातार शिकायत करने के बावजूद बिजली विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई. जब कर्मचारी गांव पहुंचे तो एक ग्रामीण ने दंडवत प्रणाम करते हुए कहा, "इस भीषण गर्मी में आप ही हमारे भगवान हैं. अब प्रसाद स्वीकार कर बिजली की व्यवस्था ठीक कर दीजिए." यह दृश्य देखकर मौके पर मौजूद बिजली विभाग के कर्मचारी भी कुछ देर के लिए असहज और निशब्द हो गए.

अधिकारियों को दी गई जानकारी. शुरू हुआ मरम्मत कार्य

जानकारी के अनुसार, बिजली विभाग के कर्मचारी गांव में केवल स्थिति का जायजा लेने पहुंचे थे. हालांकि ग्रामीणों की पीड़ा और प्रतीकात्मक विरोध से प्रभावित होकर उन्होंने तत्काल अपने वरीय अधिकारियों को पूरी स्थिति से अवगत कराया. इसके बाद नई बिजली तार की व्यवस्था कराई गई और देर रात तक मरम्मत कार्य चलाकर विद्युत आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया गया.

प्रतीकात्मक विरोध के बाद दूर हुई समस्या

ग्रामीणों ने बताया कि जिस समस्या के समाधान के लिए वे कई दिनों से विभाग के चक्कर लगा रहे थे, वह इस अनोखे विरोध के कुछ ही घंटों बाद दूर हो गई. उनका कहना है कि यदि शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई होती तो उन्हें इस तरह का प्रतीकात्मक विरोध करने की जरूरत नहीं पड़ती.

पूरे जिले में चर्चा का विषय बनी घटना

अर्कपुर गांव की यह घटना अब पूरे सीवान जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है. लोगों का मानना है कि यह विरोध बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है. साथ ही यह भी दिखाता है कि लगातार अनदेखी होने पर आम लोग अपनी बात प्रशासन तक पहुंचाने के लिए किस तरह रचनात्मक और अनोखे तरीके अपनाने को मजबूर हो जाते हैं.


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By Arvind kumar

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