Siwan News: प्रखंड मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों को कृषि कार्य के लिए बिजली कनेक्शन नहीं मिलने से खेती प्रभावित हो रही है. किसानों का आरोप है कि करीब दो वर्ष पहले उन्होंने ऑनलाइन माध्यम से कृषि बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन किया था, लेकिन अब तक न तो खेतों तक बिजली के खंभे लगाए गए हैं और न ही तार व अलग ट्रांसफॉर्मर की व्यवस्था की गई है. इससे किसानों में भारी नाराजगी है.
डीजल पंप से सिंचाई करने को मजबूर किसान
किसानों का कहना है कि समय पर कृषि बिजली कनेक्शन नहीं मिलने के कारण उन्हें डीजल पंप के सहारे सिंचाई करनी पड़ रही है. इससे खेती की लागत लगातार बढ़ रही है और छोटे व मध्यम किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है. किसानों ने बताया कि आवेदन के समय सभी जरूरी दस्तावेज जमा किए गए थे और निर्धारित शुल्क का भी भुगतान किया गया था, लेकिन विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई.
बिजली कार्यालय के चक्कर काट रहे किसान
ग्रामीणों का आरोप है कि कई गांवों में आज तक बिजली के खंभे तक नहीं लगाए गए हैं. किसान कई बार बिजली कंपनी के कार्यालय का चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन हर बार उन्हें केवल आश्वासन ही मिलता है. कभी फाइल लंबित होने की बात कही जाती है तो कभी ठेकेदार उपलब्ध नहीं होने का हवाला देकर मामला टाल दिया जाता है.
आंदोलन की चेतावनी
किसानों ने बिजली कंपनी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि जल्द ही कृषि बिजली कनेक्शन उपलब्ध नहीं कराया गया तो वे सामूहिक रूप से आंदोलन करने को मजबूर होंगे. किसानों ने जिला प्रशासन और बिजली कंपनी के वरीय अधिकारियों से मामले की जांच कर शीघ्र खेतों तक बिजली के खंभे, तार और ट्रांसफॉर्मर लगवाने की मांग की है, ताकि सिंचाई कार्य सुचारु रूप से हो सके.
क्या बोले कार्यपालक अभियंता
बिजली कंपनी के कार्यपालक अभियंता रौशन कुमार ने बताया कि जिन किसानों के कृषि बिजली कनेक्शन के आवेदन लंबित हैं, वे आवेदन संख्या के साथ संबंधित कनीय अभियंता कार्यालय में संपर्क करें. वहां आवेदन की प्रगति की जानकारी दी जाएगी और आवश्यकतानुसार स्थल निरीक्षण कर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
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