प्रतिनिधि, सीवान.नगर निकायों में सशक्त स्थायी समिति चुनाव को लेकर सियासी तापमान चढ़ने लगा है.पार्षदों को साधने की कवायद शुरू कर दी है. जोड़-तोड़, बैठकों और अंदरखाने की रणनीति का दौर शुरू हो गया है. अब नगर निकायों में सशक्त स्थायी समिति के सदस्यों का चयन मनोनयन के बजाय निर्वाचित वार्ड पार्षदों द्वारा गुप्त मतदान के माध्यम से किया जाएगा.इस नई व्यवस्था के तहत पूरे चुनाव की प्रक्रिया जिलाधिकारी के प्रत्यक्ष पर्यवेक्षण, निर्देशन और नियंत्रण में संपन्न कराई जाएगी.इस संबंध में जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय ने 17, 18 और 19 अप्रैल को चुनाव कराने की तिथि निर्धारित कर दी है.एक नगर परिषद , सात नगर पंचायतों में स्थायी समिति के सदस्यों का चुनाव होना है.निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 17 अप्रैल को नगर पंचायत गुठनी का चुनाव ई-किसान भवन गुठनी में तथा नगर पंचायत मैरवा का चुनाव प्रखंड सभागार मैरवा में होगा. 18 अप्रैल को नगर परिषद सीवान का चुनाव जिला परिषद सभागार में, नगर पंचायत बसंतपुर का चुनाव प्रखंड सभागार बसंतपुर में और नगर पंचायत बड़हरिया का चुनाव प्रखंड सभागार बड़हरिया में आयोजित किया जाएगा.वहीं 19 अप्रैल को नगर पंचायत हसनपुरा का चुनाव प्रखंड सभागार हसनपुरा परिसर में, नगर पंचायत गोपालपुर का चुनाव उच्च माध्यमिक विद्यालय गोपालपुर परिसर में तथा नगर पंचायत आंदर का चुनाव प्रखंड सभागार आंदर में संपन्न कराया जाएगा.चुनाव प्रक्रिया के तहत नामांकन सुबह 8 बजे से 10 बजे तक होगा.इसके बाद 10 बजे से 12 बजे तक मतदान की तैयारियां की जाएंगी. मतदान 12 बजे से 2 बजे तक होगा, जबकि मतगणना 2 बजे से 3 बजे तक पार्षदों के समक्ष ही की जाएगी. इसके बाद 3 बजे से 4 बजे तक निर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाई जाएगी. शपथ ग्रहण का कार्य जिलाधिकारी एवं संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा कराया जाएगा.पूरे चुनाव को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए प्रेक्षक एवं सहायक निर्वाची पदाधिकारियों की तैनाती की गई है. साथ ही निर्वाचन की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई जाएगी, नगर परिषद में सशक्त स्थायी समिति सात सदस्यीय होती है.जिसमें मुख्य पार्षद और उप मुख्य पार्षद पदेन सदस्य होते हैं.वहीं नगर पंचायत में यह समिति पांच सदस्यीय होती है, जिसमें भी मुख्य और उप मुख्य पार्षद पदेन सदस्य के रूप में शामिल रहते हैं.अधिसूचना के अनुसार प्रत्येक रिक्त पद के लिए अलग-अलग मतपेटिकाएं रखी जाएंगी और एक वार्ड पार्षद केवल एक ही पद के लिए नामांकन कर सकेगा. मतदान समाप्त होने के बाद मतपेटिकाएं पार्षदों के समक्ष खोली जाएंगी और सर्वाधिक मत प्राप्त करने वाले उम्मीदवार को विजयी घोषित किया जाएगा.
सशक्त स्थायी समिति का चुनाव 17 से
नगर निकायों में सशक्त स्थायी समिति चुनाव को लेकर सियासी तापमान चढ़ने लगा है.पार्षदों को साधने की कवायद शुरू कर दी है. जोड़-तोड़, बैठकों और अंदरखाने की रणनीति का दौर शुरू हो गया है.अब नगर निकायों में सशक्त स्थायी समिति के सदस्यों का चयन मनोनयन के बजाय निर्वाचित वार्ड पार्षदों द्वारा गुप्त मतदान के माध्यम से किया जाएगा.
