19 मॉडल स्कूल अत्याधुनिक सुविधाओं से होंगे लैस

जिला में चयनित सभी 19 मॉडल स्कूल अत्याधुनिक शैक्षणिक संसाधन व सुविधाओं से लैस होंगे. सरकार ने निजी स्कूलों की तर्ज पर प्रखंड स्तर पर सरकारी स्कूलों को उत्कृष्ट केंद्रों में बदलने की एक पहल शुरू की है. ये सभी आधुनिक सुविधाएं, स्मार्ट क्लास, साइंस लैब, कंप्यूटर लैब, इंटरनेट, और अनुभवी शिक्षकों से लैस होंगे.

प्रतिनिधि, सीवान. जिला में चयनित सभी 19 मॉडल स्कूल अत्याधुनिक शैक्षणिक संसाधन व सुविधाओं से लैस होंगे. सरकार ने निजी स्कूलों की तर्ज पर प्रखंड स्तर पर सरकारी स्कूलों को उत्कृष्ट केंद्रों में बदलने की एक पहल शुरू की है. ये सभी आधुनिक सुविधाएं, स्मार्ट क्लास, साइंस लैब, कंप्यूटर लैब, इंटरनेट, और अनुभवी शिक्षकों से लैस होंगे. डीपीओ जय कुमार ने बताया कि चयनित स्कूलों का निरीक्षण कर उसकी रिपोर्ट विभाग को मंगलवार को भेज दिया गया. उन्होंने बताया कि मॉडल स्कूल की तय क्राइटेरिया के अनुरूप जो कमियां है, उसको रेखांकित करते हुए रिपोर्ट तैयार किया गया है. माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने इस संबंध में राज्य परियोजना निदेशक को आवश्यक निर्देश भी दिए हैं. जिन विद्यालयों में कम लागत में मरम्मत या आधारभूत संरचना सुधार की आवश्यकता है, वहां कार्य बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड के माध्यम से कराया जाएगा. इन विद्यालयों का चयन पर्याप्त भूमि और बुनियादी सुविधाओं के आधार पर किया गया है. डीपीओ ने बताया कि ये सभी विद्यालय भौतिक, रसायन और जीव विज्ञान की प्रयोगशालाएं, कंप्यूटर लैब, इंटरनेट सुविधा, पेयजल, शौचालय, खेल सामग्री, बागवानी और पुस्तकालय की व्यवस्था से लैस होंगे. साथ ही मोबाइल टैब और ई-शिक्षा कोष पोर्टल के माध्यम से निगरानी होगी. नामांकन के लिए आयोजित हुई थी परीक्षा- मॉडल स्कूल में नामांकन के लिए हाल ही में राष्ट्रीय आय सह मेघा छात्रवृत्ति परीक्षा आयोजित की गयी थी. जिसका अब परिणाम भी आ चुका है. यहां छात्र छात्राओं का नामांकन वर्ग नवम में होगा. विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सीटें रिक्त रहने की संभावना के बीच परीक्षा आयोजित करने की बात कही जा रही है. बोले अधिकारी न विद्यालयों के विकसित होने से शिक्षा की गुणवत्ता में व्यापक सुधार होगा. ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों के छात्रों को भी शहरी स्तर की सुविधाएं मिल सकेंगी. यहां विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की नियुक्ति, नियमित मूल्यांकन, रेमेडियल क्लास, करियर गाइडेंस और काउंसेलिंग की व्यवस्था की जाएगी. स्मार्ट क्लासरूम, बाउंड्री वाल, मुख्य गेट और दिव्यांग छात्रों के लिए रैंप की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी. आने वाले समय में ये विद्यालय अन्य स्कूलों के लिए मॉडल साबित होंगे. राघवेंद्र प्रताप सिंह, डीइओ

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By DEEPAK MISHRA

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