‘Siwan News : गाड़ी वाला आया घर से कचरा निकाल...’ गीत के साथ घर-घर से कचरा उठाने की योजना भले ही स्वच्छता अभियान की तस्वीर बदलने के लिए शुरू की गयी हो, लेकिन महाराजगंज नगर पंचायत में लाखों रुपये खर्च कर खरीदे गये ई-रिक्शा अब खुद ही बदहाली की कहानी बयां कर रहे हैं. नगर पंचायत के सभी 14 वार्डों से गीला और सूखा कचरा उठाने के लिए वर्ष 2021 में करीब 30 से 35 लाख रुपये की लागत से 15 बैट्री चालित ई-रिक्शा खरीदे गये थे. खरीदारी के बाद इनका नियमित उपयोग नहीं हो सका और वर्तमान में अधिकांश ई-रिक्शा खड़े-खड़े कबाड़ में तब्दील होते जा रहे हैं.
खड़े-खड़े जंग खा रहे ई-रिक्शा, बैट्री भी गायब
नगर पंचायत की ओर से खरीदे गये ई-रिक्शों की मौजूदा स्थिति व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है. एक ई-रिक्शा वार्ड संख्या छह निवासी सह नगर पंचायत के सफाईकर्मी टुनटुन प्रसाद के घर के सामने खड़ा है. कई ई-रिक्शों में जंग लग चुका है. लंबे समय से इस्तेमाल नहीं होने के कारण टायर भी जर्जर हो गये हैं, जबकि कई वाहनों की बैट्री भी गायब बतायी जा रही है. ई-रिक्शों की वारंटी अवधि भी समाप्त हो चुकी है. ऐसे में इन्हें दोबारा सड़क पर उतारने के लिए नगर पंचायत को मरम्मत और नयी बैट्री पर अतिरिक्त राशि खर्च करनी पड़ सकती है.
एनजीओ से हो रही सफाई तो फिर लाखों के ई-रिक्शा क्यों?
एक पार्षद ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि नगर पंचायत के सभी वार्डों में एनजीओ के माध्यम से ट्रैक्टर, ठेला और सफाई कर्मियों की मदद से कचरा उठाव कराया जा रहा है. इसके लिए लाखों रुपये का भुगतान भी किया जाता है. ऐसे में अलग से बैट्री चालित ई-रिक्शा खरीदने की जरूरत और उसके बाद इनके उपयोग नहीं होने को लेकर सवाल उठ रहे हैं. पार्षद का आरोप है कि ई-रिक्शों की खरीदारी बोर्ड के प्रस्ताव के बिना की गयी थी. हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है.
चालक नहीं थे, फिर भी कर दी गयी 15 ई-रिक्शों की खरीद
पार्षद के अनुसार नगर पंचायत के पास ई-रिक्शा चलाने के लिए पर्याप्त संख्या में प्रशिक्षित चालक भी उपलब्ध नहीं थे. इसके बावजूद एकमुश्त 15 ई-रिक्शा खरीद लिये गये. खरीदारी के बाद इनके नियमित संचालन की व्यवस्था नहीं होने से अब लाखों रुपये के वाहन खराब होने की स्थिति में पहुंच गये हैं. सवाल यह भी है कि जब इनके संचालन के लिए पर्याप्त चालक नहीं थे, तो खरीदारी से पहले इसकी योजना और जरूरत का आकलन क्यों नहीं किया गया.
जर्जर ठेलों से बढ़ी परेशानी, खुले में फेंक रहे कचरा
नगर पंचायत क्षेत्र में सफाई व्यवस्था की स्थिति भी सवालों के घेरे में है. एनजीओ के माध्यम से कचरा उठाव के लिए इस्तेमाल किये जा रहे अधिकांश ठेले जर्जर हो चुके हैं. कई ठेले टूट चुके हैं, जिससे सफाई कर्मियों को कचरा उठाने में परेशानी हो रही है. इसका सीधा असर शहर की सफाई व्यवस्था पर पड़ रहा है. जगह-जगह कचरे का ढेर नजर आने के साथ लोग भी मजबूरी में खुले स्थानों पर कचरा फेंक रहे हैं.
अब ई-रिक्शों के इस्तेमाल की होगी जांच
नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी डॉ. विपिन कुमार ने बताया कि ई-रिक्शों के इस्तेमाल में नहीं आने की जानकारी ली जायेगी. मामले की जानकारी प्राप्त करने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जायेगी.
