भुगतान नहीं होने से पैक्स अध्यक्षों में नाराजगी

बिहार राज्य खाद्य निगम द्वारा चावल की आपूर्ति के बाद भी भुगतान नहीं किए जाने से जिले की विभिन्न सहकारी समितियों के अध्यक्षों में भारी आक्रोश है. समितियों का कहना है कि उन्होंने सीएमआर (कस्टम मिल्ड राइस) के तहत चावल की निर्धारित मात्रा समय पर खाद्य निगम को दे दी, फिर भी निगम द्वारा समय पर भुगतान नहीं किया जा रहा है.

प्रतिनिधि, सीवान. बिहार राज्य खाद्य निगम द्वारा चावल की आपूर्ति के बाद भी भुगतान नहीं किए जाने से जिले की विभिन्न सहकारी समितियों के अध्यक्षों में भारी आक्रोश है. समितियों का कहना है कि उन्होंने सीएमआर (कस्टम मिल्ड राइस) के तहत चावल की निर्धारित मात्रा समय पर खाद्य निगम को दे दी, फिर भी निगम द्वारा समय पर भुगतान नहीं किया जा रहा है. समितियों के अध्यक्षों का कहना है कि भुगतान में हो रही देरी के कारण सहकारी समितियों पर अतिरिक्त ब्याज का बोझ लगातार बढ़ रहा है.जिससे आर्थिक संकट गहराता जा रहा है. भुगतान नहीं मिलने से न सिर्फ समितियों की संचालन प्रक्रिया प्रभावित हो रही है, बल्कि आगामी धान खरीदसीजन की तैयारी पर भी असर पड़ रहा है. बताया जाता है कि पूरे जिले में किसानों से 97 हजार 337 टन धान की खरीद हुई थी. इसके बाद अभी तक 32 हजार 973 टन चावल तैयार कर बिहार राज्य खाद्य निगम को उपलब्ध करा दिया गया है. इसके लिए समितियां को करीब एक अरब 18 करोड़ 24 लाख रुपया का भुगतान होना था लेकिन अभी तक बिहार राज्य खाद्य निगम ने 94 करोड़ एक हजार 12 हजार रुपया ही भुगतान किया है. करीब 2 सप्ताह से राशि का भुगतान नहीं होने से समितियां पर ब्याज का अतिरिक्त बोझ बढ़ रहा है. सीवान सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक के अध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से की है. उन्होंने कहा कि राज्य खाद्य निगम की लापरवाही के चलते समितियों को आर्थिक हानि उठानी पड़ रही है. समय पर भुगतान नहीं होने से किसानों और समितियों दोनों के हित प्रभावित हो रहे हैं. उन्होंने राज्य सरकार और संबंधित विभाग से अपील की है कि जल्द से जल्द बकाया भुगतान कराया जाए और इस प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए ताकि भविष्य में समितियों को ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े. इधर मामला संज्ञान में आने के बाद सारण प्रमंडल के संयुक्त निबंधक सैयद मसरूक आलम ने बताया कि बिहार राज्य खाद्य निगम के जिला प्रबंधक से मामले में बात की गई है. उन्होंने कहा है कि विभाग के स्तर से राशि आते ही सभी पैक्स को भुगतान कर दिया जाएगा. जिला प्रबंधक ने बताया है कि अतिरिक्त गोदाम के लिए प्रस्ताव भेजा जा रहा है. चावल रखने के लिए जगह की कमी नहीं है. संयुक्त निबंधक ने बताया कि ससमय चावल लेने को लेकर निर्देश दिया गया है. अगर चावल देने में विलंब होता है तो कार्रवाई भी होगी.

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Author: DEEPAK MISHRA

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