Siwan News : प्रखंड मुख्यालय से बाबा महेंद्रनाथ मंदिर जाने वाली चांदपुर-मेहंदार सड़क पर रामगढ़ के समीप दाहा नदी पर बने पीसीसी पुल का एप्रोच मार्ग आज तक नहीं बन सका है. करीब 15 वर्ष पहले पुल का निर्माण पूरा हो गया था, लेकिन दोनों ओर संपर्क मार्ग अधूरा रहने से स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
2011 में ही बनकर तैयार हो गया पुल
स्थानीय लोगों के अनुसार पुल का निर्माण वर्ष 2011 में पुल निर्माण विभाग द्वारा कराया गया था. पुल के उद्घाटन का शिलापट्ट भी लगा है, लेकिन निर्माण के बाद से अब तक दोनों ओर एप्रोच सड़क नहीं बनाई गई. लोगों का कहना है कि इस संबंध में कई बार जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों को शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई.
बरसात के समय चलना मुश्किल
ग्रामीणों ने बताया कि पुल के दोनों ओर करीब 100-100 मीटर तक केवल कंकड़ और मिट्टी बिछी है. बरसात के मौसम में यह रास्ता बेहद फिसलन भरा हो जाता है, जिससे आए दिन लोग दुर्घटना का शिकार होते हैं. पुल के दोनों छोर पर जमीन भी धंस चुकी है, जिससे खतरा और बढ़ गया है.
स्थानीय लोगों ने बताया कि पक्का पुल बनने से पहले यहां लोहे और लकड़ी का पुल था, जो काफी जर्जर हो चुका था. नया पुल बनने के बाद लोगों को बेहतर आवागमन की उम्मीद थी, लेकिन एप्रोच मार्ग के अभाव में आज भी परेशानी बनी हुई है.
चार पहले हो चुका है हादसा
ग्रामीणों ने बताया कि करीब चार वर्ष पहले नोनियापट्टी गांव का एक युवक रात के समय बाइक से गुजर रहा था. एप्रोच मार्ग पर सड़क धंसी होने के कारण उसकी बाइक अनियंत्रित होकर पुल के नीचे गिर गई, जिससे उसकी मौत हो गई थी. इसके बावजूद अब तक विभाग ने संपर्क मार्ग का निर्माण नहीं कराया.
एप्रोच पथ बनाने की मांग
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और पुल निर्माण विभाग से जल्द से जल्द एप्रोच मार्ग का निर्माण कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी और हादसे से बचा जा सके.
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