सावन की दूसरी सोमवारी पर शिवालयों में उमड़ेगी भीड़

भगवान भोले भंडारी को समर्पित सावन मास के दूसरे सोमवार को शिवालयों में आस्था का शैलाब उमडेगा. वैसे तो महादेव व उनके परिवार का पूजन चातुर्मास में करना कल्याणकारक,समृद्धिदायक व पूण्यदायक होता है. वही सावन के सोमवार शिवपूजन के लिए खास माने गए है.

प्रतिनिधि, सीवान. भगवान भोले भंडारी को समर्पित सावन मास के दूसरे सोमवार को शिवालयों में आस्था का शैलाब उमडेगा. वैसे तो महादेव व उनके परिवार का पूजन चातुर्मास में करना कल्याणकारक,समृद्धिदायक व पूण्यदायक होता है. वही सावन के सोमवार शिवपूजन के लिए खास माने गए है. सावन की दूसरी सोमवारी पर जलाभिषेक करने के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब शिव मंदिरों में उमड़ेगा. प्रमुख मंदिरों में शुमार महादेवा शिव मंदिर, सिसवन के महेन्द्रनाथ मंदिर, सोहगरा शिव धाम व जीरादेई के अन्नतधाम मंदिर में सावन की सोमवारी पर श्रद्धालु जलाभिषेक व रुद्राभिषेक करेंगे. बड़ी संख्या में भक्त गंगाजल से अपने इष्ट का अभिषेक करेंगे. इसके मद्देनजर रविवार को मंदिरों में तैयारियों का सिलसिला चलता रहा. शास्त्र व पुराण के मुताबिक सावन में भगवान शिव ने विष का पान किया था. इसकी गर्मी को कम करने के लिए भोलेनाथ पर चल चढ़ाया जाता है. सावन में शिव लिंग पर जलार्पण करने से अश्वमेघ यज्ञ का पुण्य मिलता है. याचक पर भगवान विष्णु व शिव परिवार की कृपा बरसती है. बाणासुर ने कराया था गुठनी के सोहगरा धाम मंदिर का निर्माण- गुठनी के सोहगरा में स्थित बाबा हंसनाथ स्वयंभू शिवलिंग है. इस शिवलिंग की स्थापना द्वापर युग में राक्षस राज बाणासुर ने कराया था. काशी नरेश ने भी यहां संतान प्राप्ति के लिए आराधना की थी. सोहगरा धाम का पौराणिक महत्व है. इसका वर्णन श्रीमद्भागवत पुराण के सप्तम स्कंध में भी है. मंदिर निर्माण के समय ही बाणासुर ने एक पोखरा भी खोदवाया था. जिसमें स्नान करने से कुष्ठ रोग समेत अन्य असाध्य रोग ठीक हो जाते है. मान्यताओं के मुताबिक बाणासुर की महान शिव भक्तिनी पुत्री उषा यहीं पर महादेव की आराधना करती थी. शिव के वरदान से इसी स्थान पर ऊषा की मुलाकात श्रीकृष्ण के पौत्र अनिरुद्ध से हुई और दोनों का विवाह हुआ था. यहां जलाभिषेक करने से मनोकामना पूर्ण होती है. बोलबम की नारों से गूंज उठता है अनन्तनाथ धाम जीरादेई प्रखंड क्षेत्र के अकोल्ही में अवस्थित अनन्त नाथ शिव मंदिर लोगों के आस्था का केंद्र है. महाशिवरात्रि के दिन शिव भक्तों का हुजूम यहां उमड़ पड़ता है. यह मंदिर बोल बम की नारा से गुंजायमान हो जाता है. ऐसी मान्यता है कि इस शिव लिंग पर जलाभिषेक करने से भक्तों की सम्पूर्ण मनोकामना पूर्ण होती है. अनन्त नाथ धाम की महिमा व ख्याति बहुत है. यहां साक्षात नाग देवता दर्शन दिए थे. पंडित गिरीश नारायण तिवारी ने बताया कि अकोल्ही अनन्तनाथ धाम मंदिर में 2001 में सवा महीना तक नाग देवता प्रतिदिन दर्शन दिए थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: DEEPAK MISHRA

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >