प्रतिनिधि, सीवान. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा शहर के पंच मंदिरा पोखरा में छोड़े गए हंस को चंद घंटे बाद ही सुरक्षा कारणों से वहां से हटाना पड़ा. इस कार्रवाई के बाद पंच मंदिरा मुहल्ला के लोगों में आक्रोश देखा गया. मुहल्लावासियों का कहना था कि मुख्यमंत्री द्वारा छोड़ा गया हंस शहर के लिए गौरव का विषय था, लेकिन प्रशासन द्वारा उसे अचानक हटा लिया गया. मुख्यमंत्री के समृद्धि यात्रा दौरे के दौरान पंच मंदिरा पोखरा में हंस छोड़ा गया था. यह कदम जलस्रोतों के संरक्षण और सौंदर्यीकरण से जुड़ा संदेश देने के उद्देश्य से उठाया गया था.हंस छोड़े जाने के बाद बड़ी संख्या में लोग पोखरा के आसपास जुटने लगे. इसी दौरान प्रशासन के सामने हंस की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए. जिला मत्स्य पदाधिकारी चंदन कुमार ने बताया कि पंच मंदिरा पोखरा में हंस की सुरक्षा को लेकर कोई ठोस व्यवस्था नहीं हो पा रही थी. वार्ड पार्षद से इस संबंध में बातचीत की गई, लेकिन उन्होंने सुरक्षा की जिम्मेदारी लेने से इंकार कर दिया. वहीं पंच मंदिरा के पुजारी से भी संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने भी किसी प्रकार की जिम्मेदारी लेने से मना कर दिया. ऐसे में हंस के जीवन और सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल निर्णय लिया. सुरक्षा कारणों से हंस को पंच मंदिरा पोखरा से हटाकर मेंहदार स्थित महेन्द्र नाथ मंदिर के पोखरा में पुनः छोड़ा गया. जिला मत्स्य पदाधिकारी ने बताया कि यह पोखरा अपेक्षाकृत शांत है और वहां स्थानीय लोगों व मंदिर प्रबंधन का सहयोग भी प्राप्त है, जिससे हंस की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है. साथ ही वहां प्राकृतिक वातावरण भी हंस के अनुकूल है. इधर हंस को ले जाए जाने के बाद पंच मंदिरा मोहल्ला में नाराजगी है.कई लोगों ने इसे जल्दबाजी में लिया गया फैसला बताया. हालांकि मत्स्य पदाधिकारी का कहना है कि यह कदम पूरी तरह हंस की सुरक्षा को ध्यान में रखकर उठाया गया है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
