चांद के गांव में, तारों की छांव में पर झूमे बच्चे

प्रखंड के सभी प्रारंभिक विद्यालयों में बुनियादी साक्षरता व संख्या ज्ञान में दक्ष बनाने के लिए चहक कार्यक्रम बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाई के प्रति रूचि जागृत करने में अत्यंत उपयोगी साबित हो रहा है. इसके तहत बच्चे तनावमुक्त होकर उन्मुक्त रूप से बच्चों को बुनियादी व संख्या ज्ञान को निखारा जा रहा है. बच्चों में हिंदी बोलने, उच्चारण करने व जोड़-घटाव के संबंध में समझ विकसित हो रही है.

प्रतिनिधि, बड़हरिया. प्रखंड के सभी प्रारंभिक विद्यालयों में बुनियादी साक्षरता व संख्या ज्ञान में दक्ष बनाने के लिए चहक कार्यक्रम बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाई के प्रति रूचि जागृत करने में अत्यंत उपयोगी साबित हो रहा है. इसके तहत बच्चे तनावमुक्त होकर उन्मुक्त रूप से बच्चों को बुनियादी व संख्या ज्ञान को निखारा जा रहा है. बच्चों में हिंदी बोलने, उच्चारण करने व जोड़-घटाव के संबंध में समझ विकसित हो रही है. बीडीओ राजीव कुमार पांडेय ने बताया कि वर्तमान शैक्षणिक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए गतिविधियों पर आधारित शैक्षणिक तकनीक को प्रोत्साहन दिया जा रहा है. उन्होंने बच्चे पढाई में रूचि ले रहे हैं व विद्यालय में बच्चों की मुस्कुराहट बनी रह रही है. इसलिए ही इस कार्यक्रम का नाम “चहक” रखा गया है. इस कार्यक्रम से बच्चे शिक्षकों के खेल द्वारा अपनेपन के माध्यम से अधिकाधिक संख्या में विद्यालय से जुड़कर अपने आपको कुशल व दक्ष कर पायेंगे. जिससे बच्चे विद्यालय के प्रति सहज भाव से जुड़कर अध्यापन कार्य में सहर्ष रूचि ले रहे हैं. इस कड़ी में शनिवार को प्रखंड के एनपीएस बदरजीमी में एचएम अशोक श्रीवास्तव की देखरेख में शिक्षक सोम कुमार मांझी ने ””””चांद के गांव में,तारों की छांव में सैर करने जायेंगे”””” कविता पर आधारित चहक गतिविधि के माध्यम से बच्चों को खूब झूमाया. मौके पर शिक्षक जीतेंद्र कुमार राम,यासमीना खातून आदि मौजूद थे.

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Author: DEEPAK MISHRA

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