सीवान: अब 59 ग्रामीण सरकारी स्कूलों में मिलेगा केंद्रीकृत मध्यान भोजन, सीलबंद डिब्बों में पहुंच रहा खाना

Centralized Mid-Day Meal System : सीवान के मैरवा प्रखंड में सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए केंद्रीयकृत मध्यान भोजन की व्यवस्था शुरू हो गई है. 59 ग्रामीण स्कूलों तक फैली इस पहल से स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण भोजन सुनिश्चित किया जा रहा है. भोजन सीधे सीलबंद डिब्बों में स्कूलों तक पहुंचाया जा रहा है.

Centralized Mid-Day Meal System : सीवान के मैरवा प्रखंड में सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को अब केंद्रीकृत रसोई से तैयार स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण मध्यान भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है. नगर क्षेत्र के नौ स्कूलों में सफल संचालन के बाद इस व्यवस्था का विस्तार 59 ग्रामीण सरकारी विद्यालयों तक कर दिया गया है.

59 ग्रामीण स्कूलों तक पहुंची केंद्रीकृत मध्यान भोजन व्यवस्था

मैरवा प्रखंड में केंद्रीकृत मध्यान भोजन व्यवस्था का विस्तार करते हुए अब 59 ग्रामीण सरकारी विद्यालयों में भी भोजन की आपूर्ति शुरू कर दी गई है. इससे पहले नगर क्षेत्र के नौ सरकारी स्कूलों में पिछले एक वर्ष से यह व्यवस्था सफलतापूर्वक संचालित की जा रही थी. अब अधिक संख्या में विद्यार्थियों को स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण भोजन का लाभ मिल सकेगा.

सीलबंद डिब्बों में स्कूलों तक पहुंच रहा भोजन

नई व्यवस्था के तहत भोजन वॉरुडा के केंद्रीय रसोईघर में तैयार किया जा रहा है. इसके बाद भोजन को सीलबंद डिब्बों में पैक कर निर्धारित समय पर प्रत्येक विद्यालय तक पहुंचाया जा रहा है. इसका उद्देश्य भोजन की स्वच्छता, गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करना है.

गुणवत्ता जांच के लिए रसोईघर पहुंचे अधिकारी

मध्यान भोजन की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखी जा रही है. एमडीएम बीआरपी नागेंद्र कुमार ने रसोईघर पहुंचकर स्वयं भोजन का स्वाद लेकर उसकी गुणवत्ता की जांच की. संस्था की ओर से बताया गया कि भोजन सीसीटीवी निगरानी में तैयार किया जाता है, ताकि गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न हो.

स्वाद और पोषण पर दिया जा रहा विशेष ध्यान

वॉरुडा संस्था के निदेशक हर्ष गुप्ता ने बताया कि सभी विद्यालयों में समय पर भोजन पहुंचाने की व्यवस्था की गई है. उन्होंने कहा कि भोजन को अधिक स्वादिष्ट और पौष्टिक बनाने के लिए बाहरी कुशल कारीगरों की सेवाएं ली गई हैं. संस्था का उद्देश्य विद्यार्थियों को स्वस्थ, पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना है.

रोजगार के नए अवसर भी हुए सृजित

केंद्रीकृत रसोई की स्थापना से स्थानीय स्तर पर लगभग 30 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है. वहीं, दूर-दराज के विद्यालयों तक भोजन पहुंचाने के लिए 10 वाहनों की व्यवस्था की गई है, जिससे वाहन चालकों और अन्य संबंधित लोगों के लिए भी आजीविका के नए अवसर उपलब्ध हुए हैं.

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