प्रतिनिधि, सीवान. सदर अस्पताल में सिविल सर्जन द्वारा विशेष गठित तीन डॉक्टरों की मेडिकल बोर्ड टीम सौ प्रतिशत दिव्यांग युवक का विजन निर्धारण नहीं कर सकी. जांच की जटिलता का हवाला देते हुए युवक को एम्स पटना या आइजीआईएमएस पटना रेफर कर एक पर्ची थमा दी है जिसे लेकर उसे पटना जाना है.प्रभात खबर में 19 अगस्त को खबर स्वास्थ्य विभाग ने जिसे नेत्रहीन का प्रमाणपत्र दिया,वह चलाता है बाइक खबर प्रकाशित होने के मामले में दिव्यांग इमरान की दुबारा आंखों की जांच के लिए तीन नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉक्टरों का मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया था. 12 सितंबर को तीन आई सर्जनों की मेडिकल बोर्ड के समक्ष इमरान हाजिर हुआ. बोर्ड में सदर अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ चंदन कुमार सिंह,डॉ राघवेंद्र बाजपेई एवं डॉ दीपिका को शामिल थी.तीनों डॉक्टरों द्वारा लगभग एक घंटे तक जांच की गई. लेकिन विजन निर्धारण के मामले में कोई भी डॉक्टर निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाया.बोर्ड के डॉक्टरों ने दिव्यांग को बताया कि उसकी आंखों की स्थिति का आकलन स्थानीय स्तर पर संभव नहीं है. इसके लिए इलेक्ट्रोरेशनग्राफी और ऑप्टिकल कोहरेंस टोमोग्राफी जैसी अत्याधुनिक जांचें आवश्यक हैं, जो सीवान में उपलब्ध नहीं हैं.
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