मॉडल अस्पताल में अबतक नहीं शिफ्ट हुआ ब्लड बैंक

बिहार राज्य एड्स कंट्रोल सोसाइटी के अपर परियोजना निदेशक डॉक्टर एन के गुप्ता ने पिछले साल 31 दिसंबर को ब्लड बैंक एवं मॉडल अस्पताल के नए भवन का निरीक्षण के बाद जल्द शिफ्ट करने का निर्देश दिया था.ताकि मानक के अनुसार जगह की उपलब्धता होने के बाद सीवान ब्लड बैंक का नए सिरे से लाइसेंस की प्रक्रिया शुरू की जा सके.लेकिन चार माह से अधिक समय बीत जाने के बाद ब्लड बैंक को नए भवन में शिफ्ट नहीं किया जा सका.

प्रतिनिधि,सीवान.बिहार राज्य एड्स कंट्रोल सोसाइटी के अपर परियोजना निदेशक डॉक्टर एन के गुप्ता ने पिछले साल 31 दिसंबर को ब्लड बैंक एवं मॉडल अस्पताल के नए भवन का निरीक्षण के बाद जल्द शिफ्ट करने का निर्देश दिया था.ताकि मानक के अनुसार जगह की उपलब्धता होने के बाद सीवान ब्लड बैंक का नए सिरे से लाइसेंस की प्रक्रिया शुरू की जा सके.लेकिन चार माह से अधिक समय बीत जाने के बाद ब्लड बैंक को नए भवन में शिफ्ट नहीं किया जा सका. नये भवन में जो जगह ब्लड बैंक के लिए उपलब्ध कराया गया था,वह ब्लड बैंक के अनुरूप नहीं था.उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया था कि आवश्यकतानुसार भवन में अतिरिक्त कार्य कर बैंक के अनुरूप बनाया जाये. ब्लड बैंक के लिए जरूरत है 1600 वर्ग फुट एरिया की ब्लड बैंक के लिए 1600 वर्ग फुट एरिया की जरूरत है.नये भवन में एक हॉल ब्लड बैंक के लिए उपलब्ध कराया गया था. अधीक्षक डॉक्टर अनिल कुमार सिंह द्वारा एक अतिरिक्त कमरा उपलब्ध कराए जाने के बाद आवश्यकता के अनुसार जगह मिल गयी. दोनों कमरों में पंजीकरण,काउंसलिंग, ब्लड कलेक्शन, सेरोलॉजी,रिफ्रेशमेंट,क्वालिटी कंट्रोल एवं स्टोर कक्ष का निर्माण करना है.अतिरिक्त कार्य होने के मॉडल अस्पताल भवन का निर्माण कर रहे इंजीनियर द्वारा बताया गया कि इसके लिए बीएमएसआइसीएल से कार्य के लिए अनुमति लेना होगा.अपर निदेशक डॉ एन के गुप्ता ने कार्य के लिए बीएमएसआइसीएल को पत्र लिखने की बात कही थी.बीएमएसआइसीएल द्वारा अतिरिक्त कार्य का एस्टीमेट एवं नक्शा तो बनाया गया.लेकिन कार्य नहीं कराया गया. एसी खराब होने से डोनरों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को हो रही है परेशानी सदर अस्पताल के ब्लड बैंक के सभी कक्ष का एसी महीनों से खराब होने के कारण डोनरों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को जहां भीषण गर्मी में परेशानी हो रही है.ब्लड बैंक में ब्लड जांच के लिए सबसे कीमती मशीन एलाइजा रीडर लगी है. इससे ब्लड के एचआइवी, हेपेटाइटिस सहित कई जरूरी टेस्ट किए जाते हैं.रीडर को 20-25 डिग्री सेंटीग्रेड तापमान पर रखा जाता है. इसी तरह ब्लड बैंक के सेंटीफ्यूजन मशीन, ब्लड ग्रुपिंग सिरा, केमिकल क्रास मैच के लिए तापमान 30 से अधिक नहीं होना चाहिए.केमिकल खराब होते है.जहां ब्लड स्टोरेज होता है वहां का तापतान करीब 20 सेंटीग्रेड होना चाहिए. कमरे का तापमान भी नार्मल होना चाहिए. यहां एसी चलते रहना चाहिए. जहां ब्लड डोनेट होता है वहां का भी तापमान सामान्य होता है. बोले नोडल पदाधिकारी नये भवन में शिफ्ट करने के लिए कुछ अतिरिक्त कार्य होना है.बीएमएसआइसीएल द्वारा नक्शा एवं एस्टीमेट बना दिया गया.कार्य शुरू नहीं हुआ है पत्र लिखा गया है.ब्लड बैंक का एसी फंड के अभाव में नहीं ठीक किया जा रहा था.आज मैकेनिक बुलाया गया है. डॉ अनूप कुमार दुबे, नोडल ऑफिसर ब्लड बैंक,सीवान.

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By DEEPAK MISHRA

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