Agriculture Scheme: प्याज की फसल तैयार होने के बाद बाजार में कीमत गिरने से किसानों को अक्सर अपनी उपज कम दाम पर बेचनी पड़ती है. इससे खेती में लगी लागत और मेहनत के मुकाबले उन्हें अपेक्षित आमदनी नहीं मिल पाती. किसानों को इस परेशानी से राहत देने के लिए सरकार ने प्याज के वैज्ञानिक भंडारण को प्रोत्साहित करने की योजना शुरू की है.
इस योजना के तहत प्याज भंडारण गृह के निर्माण पर किसानों को 50 से 75 प्रतिशत तक अनुदान देने का प्रावधान किया गया है. इससे किसान फसल तैयार होते ही बाजार में बेचने की बजाय उसे सुरक्षित तरीके से भंडारित कर सकेंगे. बाजार में कीमत बढ़ने पर उपज बेचकर किसान बेहतर मूल्य प्राप्त कर सकते हैं.
कृषि एवं वानिकी विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, प्याज उत्पादक किसानों को वैज्ञानिक तरीके से भंडारण की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से योजना लागू की गयी है. इसका मकसद किसानों को बाजार में कीमत कम रहने के दौरान अपनी उपज रोककर रखने का विकल्प देना है.
कम भाव में प्याज बेचने की मजबूरी होगी कम
प्याज की आवक बढ़ने पर कई बार बाजार में कीमत नीचे चली जाती है. ऐसी स्थिति में किसानों के सामने फसल को तत्काल बेचने की मजबूरी रहती है. भंडारण की सुविधा मिलने से किसान बाजार की स्थिति को देखते हुए बिक्री का समय तय कर सकेंगे.
मांग बढ़ने या बाजार भाव में सुधार होने के बाद प्याज बेचने पर किसानों को अपेक्षाकृत बेहतर कीमत मिलने की संभावना रहेगी. इससे फसल की बिक्री में जल्दबाजी कम होगी और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिल सकती है.
25 और 50 मीट्रिक टन क्षमता के बनेंगे भंडारण गृह
बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन योजना के तहत किसानों को अलग-अलग क्षमता वाले प्याज भंडारण गृह बनाने के लिए अनुदान दिया जाएगा. इसके लिए 25 मीट्रिक टन और 50 मीट्रिक टन क्षमता वाले भंडारण गृह का विकल्प रखा गया है.
योजना का उद्देश्य किसानों को उनके क्षेत्र के आसपास ही प्याज सुरक्षित रखने की सुविधा उपलब्ध कराना है. इससे फसल तैयार होने के तुरंत बाद कम कीमत पर बाजार में बिक्री करने का दबाव कम होगा.
वैज्ञानिक तरीके से बनाना होगा स्टोरेज हाउस
प्याज को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए भंडारण गृह का निर्माण वैज्ञानिक मानकों के अनुरूप होना जरूरी है. भंडारण गृह को जमीन की सतह से ऊंचा रखने के साथ पर्याप्त वेंटिलेशन की व्यवस्था करनी होगी. इससे नमी और बारिश के पानी से प्याज को बचाने में मदद मिलेगी.
भंडारण के दौरान प्याज की परतों के बीच हवा का आवागमन भी जरूरी है. इसके लिए ऐसी संरचना तैयार करनी होगी, जिससे अंदर पर्याप्त हवा पहुंचती रहे और नमी जमा न हो.
अच्छे और पूरी तरह सूखे प्याज का करना होगा चयन
भंडारण के लिए स्वस्थ और अच्छी गुणवत्ता वाले प्याज का चयन करना जरूरी है. ऐसे प्याज को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, जिसके छिलके अच्छी तरह सूखे हों और उसमें नमी कम हो.
कटे, सड़े या खराब प्याज को भंडारण गृह में रखने से बचना चाहिए. अधिक नमी वाले प्याज को स्टोर करने पर उसके जल्दी खराब होने की संभावना बढ़ जाती है. इसलिए भंडारण से पहले प्याज की गुणवत्ता की जांच करना भी जरूरी होगा.
तय समय सीमा में करना होगा ऑनलाइन आवेदन
योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को निर्धारित समय सीमा के भीतर ऑनलाइन आवेदन करना होगा. अनुदान और आवेदन से जुड़ी विस्तृत जानकारी कृषि एवं बागवानी विभाग के आधिकारिक पोर्टल से प्राप्त की जा सकती है.
भंडारण की सुविधा मिलने से किसान बाजार में कीमत कम होने पर अपनी उपज को कुछ समय के लिए रोक सकेंगे. इसके बाद बाजार भाव में सुधार होने पर प्याज बेचने का विकल्प उनके पास रहेगा. सरकार की इस पहल से प्याज उत्पादकों को बाजार के उतार-चढ़ाव से निपटने में मदद मिलने और उनकी आमदनी में सुधार की उम्मीद है.
