सीवान के भगवानपुर हाट कस्तूरबा विद्यालय की छात्रा की बिगड़ी तबीयत, भोजन व्यवस्था पर उठे सवाल

भगवानपुर हाट के कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय की एक छात्रा की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है. नाश्ते में दही-चिउड़ा न खाने के बाद छात्रा की तबीयत बिगड़ी, जिससे व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं.

Kasturba Gandhi Balika Vidyalaya: भगवानपुर हाट प्रखंड मुख्यालय स्थित एसएस उच्च विद्यालय सह इंटर कॉलेज परिसर में संचालित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय की एक छात्रा की सोमवार को अचानक तबीयत बिगड़ गयी. चक्कर, उल्टी और तेज सिरदर्द की शिकायत के बाद छात्रा को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, भगवानपुर हाट में भर्ती कराया गया. महिला चिकित्सक डॉ. प्रज्ञा मेधा की देखरेख में उसका इलाज चल रहा है.

बीमार छात्रा की पहचान सारण जिले के बनियापुर प्रखंड के बड़की धवरी गांव निवासी शत्रुधन मांझी की पुत्री प्रिया कुमारी के रूप में हुई है. वह एसएस उच्च विद्यालय की छात्रा है.

दही-चिउड़ा नहीं खाने की छात्रा ने बतायी बात

छात्रा प्रिया कुमारी ने बताया कि सोमवार सुबह नाश्ते में दही-चिउड़ा दिया गया था. उसने बताया कि वह दही-चिउड़ा नहीं खाती है, इसलिए उसने इसके बदले दूध पी लिया. छात्रा का आरोप है कि दही-चिउड़ा नहीं खाने वाली छात्राओं के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गयी थी.

उसने बताया कि नाश्ते के कुछ देर बाद उसके सिर में दर्द शुरू हुआ और फिर उल्टी होने लगी. इसके बाद उसे इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया.

छात्रा की बड़ी बहन भी उसी आवासीय विद्यालय में रहती हैं. उन्होंने भी वैकल्पिक भोजन की व्यवस्था नहीं होने की बात कही. उन्होंने बताया कि दोपहर करीब दो बजे तक भोजन तैयार नहीं हुआ था.

डॉक्टर ने कुपोषण और एनीमिया की आशंका जतायी

इलाज कर रहीं महिला चिकित्सक डॉ. प्रज्ञा मेधा ने बताया कि छात्रा को उल्टी और सिरदर्द की शिकायत थी. जांच के दौरान उसका पल्स और ऑक्सीजन लेवल भी सामान्य से कम पाया गया.

उन्होंने बताया कि छात्रा में कुपोषण या एनीमिया की आशंका को देखते हुए आवश्यक जांच के लिए रक्त का नमूना भेजा गया है. जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे के उपचार का निर्णय लिया जायेगा.

मां ने भोजन व्यवस्था पर लगाए गंभीर आरोप

छात्रा की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिलने पर अस्पताल पहुंचीं उसकी मां मानती देवी ने आवासीय विद्यालय की व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि छात्राओं को डरा-धमकाकर रखा जाता है, ताकि वे किसी प्रकार की शिकायत नहीं करें.

मां ने आरोप लगाया कि छात्राओं को समय पर भोजन नहीं मिलता है, जिसके कारण उनकी तबीयत खराब होती है. उन्होंने विद्यालय की भोजन व्यवस्था और छात्राओं की देखभाल की व्यवस्था की जांच की मांग की.

वार्डन ने आरोपों से किया इनकार

कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की वार्डन अमृता कुमारी ने छात्रा की मां के आरोपों से इनकार किया. उन्होंने बताया कि सोमवार सुबह सभी छात्राओं को नाश्ते में दही-चिउड़ा दिया गया था.

वार्डन के अनुसार, प्रिया कुमारी नाश्ता लेकर अपने कमरे में चली गयी थी और संभवतः उसने समय पर भोजन नहीं किया. इसी कारण उसकी तबीयत बिगड़ने की बात सामने आ रही है.

बीईओ ने कहा- पूरे मामले की होगी जांच

प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि छात्रा ने दही-चिउड़ा की जगह केवल दूध पीया था. प्रथम दृष्टया इसी कारण उसकी तबीयत खराब होने की बात सामने आयी है.

उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच करायी जायेगी. जांच में जो भी तथ्य सामने आयेंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जायेगी.

फिलहाल छात्रा का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जारी है और चिकित्सकों की निगरानी में उसकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है.

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By रंजीत यादव

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