Siwan News : नगर परिषद की 76 विभिन्न योजनाओं के कार्यादेश पर रोक लगाने की अनुशंसा

नगर परिषद सीवान में वित्तीय अनियमितता की आशंका को लेकर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है.

सीवान. नगर परिषद सीवान में वित्तीय अनियमितता की आशंका को लेकर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है. डीएम विवेक रंजन मैत्रेय ने नगर विकास एवं आवास विभाग पटना को पत्र भेजकर तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी अनुभूति श्रीवास्तव द्वारा निर्गत 76 विभागीय योजनाओं के कार्यादेश पर तत्काल रोक लगाने की अनुशंसा की है. प्रशासनिक हल्कों में इस कदम को नप सीवान में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार पर डीएम की सीधी चोट के रूप में देखा जा रहा है. अनुशंसा पत्र में डीएम ने उल्लेख किया है कि नगर विकास एवं आवास विभाग पटना द्वारा चार अक्तूबर को ही इओ अनुभूति श्रीवास्तव को उसी तिथि से निलंबित किया गया था. इसके बावजूद हैरान करने वाली बात यह है कि निलंबन की तिथि को ही उनके द्वारा नगर परिषद सीवान में 76 अलग अलग विभागीय योजनाओं के कार्यान्वयन से संबंधित कार्यादेश जारी कर दिये गये. पत्र में कहा गया है कि एक ही दिन में इतनी बड़ी संख्या में योजनाओं के कार्यादेश जारी होना गंभीर संदेह को जन्म देता है. डीएम ने प्रारंभिक जांच के आधार पर आशंका जतायी है कि उक्त कार्यादेश बैक डेटेड प्रक्रिया के तहत और नगर परिषद के कुछ कर्मियों की मिलीभगत से जारी किये गये हो सकते हैं.

इसका उद्देश्य वित्तीय गड़बड़ी करना और सरकारी राशि का दुरुपयोग करना हो सकता है. उन्होंने स्पष्ट किया है कि जब तक इन सभी योजनाओं की वस्तुस्थिति, प्रक्रिया और वैधानिकता की विस्तृत जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक सभी कार्यादेशों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाया जाना जरूरी है. डीएम विवेक रंजन मैत्रेय ने संबंधित योजनाओं की सूची और कार्यादेश की छायाप्रति भी विभाग को उपलब्ध करायी है, ताकि उच्चस्तरीय जांच कर उचित निर्णय लिया जा सके. प्रशासन का मानना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं होने पर सरकारी धन को भारी क्षति पहुंच सकती है. इस पहल को नगर प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. अब सबकी निगाहें नगर विकास एवं आवास विभाग के निर्णय पर टिकी हैं.

इन योजनाओं के कार्यादेश रद्द करने की मांग

डीएम द्वारा जिन योजनाओं के कार्यादेश रद्द करने की मांग की गयी है, उनमें नगर परिषद के विभिन्न वार्डों में सड़क और नाला निर्माण से जुड़ी योजनाएं प्रमुख रूप से शामिल हैं. वार्ड सात अंतर्गत माधव नगर में अमित कुमार के घर से पश्चिम की ओर सड़क एवं नाला निर्माण, रमई के घर से मुकेश चौधरी के बथान तक आरसीसी सड़क, सरोज के घर से महेंद्र के घर तक आरसीसी नाला, उदय यादव के घर से कमरूद्दीन के घर तक आरसीसी नाला तथा पुल से गुड्डु के मकान तक आरसीसी नाला निर्माण प्रस्तावित है. वार्ड दो के मोहद्दीपुर में बंटी के घर के सामने आरसीसी नाला निर्माण कार्य शामिल है. इसके अलावा वार्ड 42 में प्रेम कुमार शर्मा के घर से धर्मेंद्र शर्मा के घर तक आरसीसी नाला, वार्ड 24 के खुरमाबाद में गुड्डु श्रीवास्तव के घर से परशुराम शर्मा के घर तक पीसीसी सड़क एवं आरसीसी नाला निर्माण, उमेश यादव के घर से पश्चिम जयराम यादव की जमीन तक पीसीसी सड़क निर्माण सूची में है. वार्ड 17, पांच, 40, 35, 16, छह और तीन में भी सड़क और नाला निर्माण की कई योजनाएं शामिल हैं. इसके साथ ही नाला निर्माण से जुड़ी अन्य योजनाएं और यूनिपोल पर विज्ञापन लगाने का कार्य भी सूची में शामिल है. प्रशासन का मानना है कि सभी योजनाओं की वैधानिकता की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जानी चाहिए.

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By SHAH ABID HUSSAIN

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